इंदौर में स्थित AI एडटेक स्टार्टअप Arivihan करीब 95.86 करोड़ रुपये की सीरीज A फंडिंग जुटाने जा रहा है। यह राउंड मौजूदा निवेशकों Accel और Prosus की अगुवाई में होगा। नई पूंजी का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल, टेक्नोलॉजी और बिजनेस विस्तार के लिए किया जाएगा।
Entrackr की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के बोर्ड ने 4,648 Series A CCPS जारी करने को मंजूरी दी है। इन शेयरों की इश्यू कीमत 2,06,248.06 रुपये प्रति शेयर है। इस इश्यू से करीब 95.86 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे, जो लगभग 10 मिलियन डॉलर के बराबर है।
फंडिंग राउंड में Accel और Prosus दोनों करीब 47.48-47.48 करोड़ रुपये निवेश करेंगे। एंजेल निवेशक दिनेश चंद्र अग्रवाल, दिनेश गुलाटी, GSF Accelerator के फाउंडर और सीईओ राजेश सावहनी तथा गौरव कपूर मिलकर करीब 91 लाख रुपये लगाएंगे।
AI लर्निंग मॉडल को मिलेगा विस्तार
उपलब्ध अनुमानों के मुताबिक, नए सीरीज A राउंड में Arivihan का वैल्यूएशन करीब 570 करोड़ रुपये हो सकता है, जो पिछले प्री- सीरीज A राउंड के लगभग 171 करोड़ रुपये से करीब 3.3 गुना अधिक है। यह वैल्यूएशन रिपोर्टेड फाइलिंग्स पर आधारित अनुमान है।
कंपनी नई पूंजी का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों के साथ बिजनेस एक्सपेंशन और ग्रोथ के लिए करेगी। Moneycontrol ने फरवरी 2026 में रिपोर्ट किया था कि Arivihan 10 -12 मिलियन डॉलर के Series A राउंड के लिए Accel और Prosus से बातचीत कर रही थी।
Arivihan ने जुलाई 2025 में 4.17 मिलियन डॉलर यानी करीब 36 करोड़ रुपये का प्री- सीरीज A राउंड जुटाया था। इसका नेतृत्व Prosus और Accel ने किया था, जबकि GSF Investors ने भी भाग लिया था। नया राउंड कंपनी के लिए फंडिंग और वैल्यूएशन दोनों स्तरों पर विस्तार को दिखाता है।
छात्रों के लिए AI-पावर्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग
2024 में रितेश सिंह चंदेल, सोनू कुमार और रुषभ कोठारी द्वारा स्थापित Arivihan AI-पावर्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। कंपनी का फोकस छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों तक किफायती और स्थानीय भाषा में डिजिटल लर्निंग पहुंचाने पर है।
Arivihan के प्लेटफॉर्म पर कक्षा 10, 11 और 12 के छात्रों के साथ बोर्ड परीक्षाओं और NEET की तैयारी से जुड़े फीचर्स उपलब्ध हैं। कंपनी के अनुसार, इसमें AI आधारित इंटरैक्टिव लेक्चर्स, पर्सनलाइज्ड लर्निंग पाथ, डाउट सपोर्ट, प्रैक्टिस सेट, प्रश्न बैंक और स्टडी प्लान शामिल हैं। सेवाएं कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने पर भी जोर है।
कंपनी के अनुसार, AI सिस्टम छात्र की गति और जरूरत के हिसाब से कंटेंट और लर्निंग पाथ को पर्सनलाइज कर सकता है, लेक्चर के दौरान सवाल पूछ सकता है और प्रोग्रेस ट्रैक करने में मदद करता है। Arivihan AI मॉडल्स का इस्तेमाल डाउट सॉल्विंग, पर्सनलाइज्ड लेक्चर और कंटेंट जनरेशन जैसे कामों में भी करता है।
छोटे शहरों के छात्रों पर रहेगा फोकस
Arivihan का मॉडल उन छात्रों को लक्षित करता है, जिनके पास बड़े शहरों की ऑफलाइन कोचिंग या गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधनों तक सीमित पहुंच है। कंपनी के अनुसार, उसका प्लेटफॉर्म Tier-II शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में K-12 छात्रों के लिए किफायती डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।
वित्तीय प्रदर्शन में भी शुरुआती स्तर पर तेज वृद्धि दर्ज हुई है। FY25 में Arivihan का रेवेन्यू करीब 14.8 गुना बढ़कर 3.14 करोड़ रुपये हो गया, जो FY24 में 21.29 लाख रुपये था। हालांकि, FY25 में कंपनी को 4.45 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। कंपनी ने अभी FY26 के वित्तीय आंकड़े दाखिल नहीं किए हैं।
फाइलिंग से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू के बाद Accel India की हिस्सेदारी 23.54% और Prosus की 18.57% होगी। वहीं राजेश सावहनी, दिनेश चंद्र अग्रवाल, दिनेश गुलाटी और गौरव कपूर की हिस्सेदारी क्रमशः 1.71%, 1.32%, 0.96% और 0.66% बताई गई है। नई पूंजी के साथ Arivihan AI टेक्नोलॉजी को स्केल करने और ज्यादा छात्रों तक अपनी लर्निंग सेवाएं पहुंचाने पर फोकस करेगा।