कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट, गवर्नमेंट ऑफ सिक्किम ने IIM Calcutta Innovation Park (IIMCIP) के साथ मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट साइन किया है। इसके तहत IIMCIP को Sikkim Innovation Hub के जरिए राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए लीड इन्क्यूबेशन पार्टनर नियुक्त किया गया है। यह एग्रीमेंट 27 सितंबर 2026 को गंगटोक के मानन केंद्र में कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी कर्मा डी. युत्सो और IIMCIP के चीफ बिजनेस ऑफिसर गौरव कपूर ने साइन किया।
यह 36 महीने की पार्टनरशिप Sikkim Startup Policy 2025 को Sikkim INSPIRES प्रोग्राम के तहत लागू करने में मदद करेगी। इसका उद्देश्य एंटरप्रेन्योर्स को आइडिया वैलिडेशन से लेकर इन्क्यूबेशन, मार्केट एक्सेस और इन्वेस्टमेंट तक आगे बढ़ने के रास्ते उपलब्ध कराना है। गंगटोक स्थित Sikkim Innovation Hub राज्य के लिए सेंट्रल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा, जो इन्क्यूबेशन, मेंटरिंग, प्रोटोटाइपिंग सपोर्ट, मार्केट लिंकेज, इन्वेस्टर कनेक्शन और रेगुलेटरी गाइडेंस को कोऑर्डिनेट करेगा।
छात्रों और युवा एंटरप्रेन्योर्स के लिए बढ़ेंगे इन्क्यूबेशन अवसर
इस प्रोग्राम के तहत हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर इन्क्यूबेशन सेंटर्स बनाए जाएंगे। इनमें ATTC, Bardang और CCCT, Chisopani में पहले से मौजूद सेंटर्स के साथ नए सेंटर्स भी शामिल होंगे। इससे राजधानी के बाहर भी एंटरप्रेन्योर्स को सपोर्ट मिल सकेगा। डेडिकेटेड इन्क्यूबेशन मैनेजर्स लोकल एंटरप्रेन्योर्स के साथ सीधे काम करेंगे और आउटरीच, प्री-इन्क्यूबेशन तथा शुरुआती हैंडहोल्डिंग में मदद करेंगे।
IIMCIP प्री-इन्क्यूबेशन, इन्क्यूबेशन और एक्सेलेरेशन प्रोग्राम्स को डिजाइन और लागू करेगा। इनमें बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, मार्केट वैलिडेशन, प्रोटोटाइपिंग, फाइनेंशियल प्लानिंग और एंटरप्राइज फॉर्मलाइजेशन शामिल होंगे। सपोर्ट मिलने वाले वेंचर्स को डोमेन मेंटर्स, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर्स से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा कंप्लायंस, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और बिजनेस डॉक्यूमेंटेशन में भी मदद दी जाएगी।
पार्टनरशिप के तहत जिला स्तर पर बूटकैंप्स, आइडियाथॉन्स और स्टार्टअप-अकादमिक एंगेजमेंट भी आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस में एंटरप्रेन्योरशिप प्रमोशन सेल्स शुरू करने की योजना है, ताकि छात्रों और युवाओं के बीच एंटरप्रेन्योरियल टैलेंट की पहचान की जा सके और उन्हें स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ा जा सके।
हायर एजुकेशन संस्थानों से जुड़ेगा स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क
तीन वर्षों में इस प्रोग्राम का लक्ष्य 250 स्टार्टअप्स और एंटरप्राइजेज को इन्क्यूबेशन सपोर्ट देना, चार जिला इन्क्यूबेशन सेंटर्स को ऑपरेशनल बनाना और 1,000 से अधिक डायरेक्ट और इनडायरेक्ट जॉब्स में योगदान देना है। सपोर्ट किए जाने वाले कम से कम 40 प्रतिशत वेंचर्स के वुमन-लेड होने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोग्रेस को वेंचर क्रिएशन, रेवेन्यू जनरेशन, एम्प्लॉयमेंट, इन्वेस्टमेंट मोबिलाइजेशन और मार्केट एक्सेस जैसे इंडिकेटर्स के आधार पर ट्रैक किया जाएगा।