कंपनी इस नई फंडिंग का उपयोग अपने Battery-as-a-Service (BaaS) इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और भारत के प्रमुख शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपने पार्टनर आधारित स्टेशनों के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करेगी। इस विस्तार से गिग वर्कर्स और फ्लीट ऑपरेटर्स को बैटरी स्वैपिंग सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
वर्ष 2019 में पुलकित खुराना और सिद्धार्थ सिक्का द्वारा इस कंपनी की स्थापना की गई थी। दोनों संस्थापक IIT कानपुर के पूर्व छात्र हैं। नई दिल्ली में स्थित यह स्टार्टअप इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क संचालित करता है, जहां कुछ ही मिनटों में खाली बैटरी को पूरी तरह चार्ज बैटरी से बदला जा सकता है। इससे चार्जिंग में लगने वाला समय कम होता है और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की शुरुआती लागत भी घटती है।
वर्तमान में कंपनी 50 शहरों में 1,600 से अधिक पार्टनर आधारित स्टेशन संचालित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से लास्ट माइल डिलीवरी और यात्री परिवहन क्षेत्र पर ध्यान दे रही है। इसका मॉडल ड्राइवरों का समय बचाने और चार्जिंग के दौरान होने वाले इंतजार को कम करने में मदद करता है।
Battery Smart अब तक लगभग 192 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी है। इसमें 65 मिलियन डॉलर की सीरीज बी फंडिंग और 29 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त निवेश भी शामिल है। कंपनी के निवेशकों में Tiger Global, Blume Ventures और Ecosystem Integrity Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
नई फंडिंग से कंपनी को अपने नेटवर्क का और विस्तार करने तथा भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में अपनी भूमिका मजबूत करने में मदद मिलेगी।