शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सरकार स्कूली शिक्षा को डिजिटल और आधुनिक बनाने पर तेजी से काम कर रही है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) को पढ़ाई में शामिल किया जा रहा है, ताकि छात्रों में नई तकनीकों की समझ विकसित हो सके।
कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ाने और जरूरी कौशल विकसित करने के लिए AI को शिक्षा का हिस्सा बनाया जा रहा है। साथ ही, शिक्षकों को भी AI की ट्रेनिंग देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वे नई तकनीकों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें। साथ ही NCERT की किताबों में भी AI और नई तकनीकों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों में बुनियादी समझ और AI साक्षरता बढ़ाना है।
सरकार 2026-27 से कक्षा 3 से 8 तक के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI का एक खास कोर्स शुरू करने जा रही है। इस कोर्स को DIKSHA, SWAYAM और PM eVidya जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का समर्थन मिलेगा, जिससे डिजिटल शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में AI के महत्व पर खास जोर दिया गया है। अब छात्रों को कक्षा 3 से ही AI की शुरुआती जानकारी दी जाएगी, जिससे वे भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार हो सकें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा राज्य और केंद्र दोनों की जिम्मेदारी है, इसलिए इस दिशा में सभी मिलकर काम कर रहे हैं।