ईवी मोबिलिटी कंपनी बिजलीराइड भारत में अपने फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए विस्तार कर रही है। कंपनी के नेटवर्क में फिलहाल 20 एक्टिव फ्रेंचाइजी पार्टनर्स हैं, जिनमें से ज्यादातर हैदराबाद और पुणे जैसे प्रमुख ईवी एडॉप्शन मार्केट्स में काम कर रहे हैं। इसके अलावा, करीब 20 नई पार्टनरशिप अंतिम चरण में हैं। कंपनी का लक्ष्य Q3 के अंत तक 50 फ्रेंचाइजी पार्टनर्स का नेटवर्क तैयार करना है।
बिजलीराइड अपने ईवी मोबिलिटी ऑपरेशंस को अलग-अलग शहरों और बाजारों तक पहुंचाने के लिए पार्टनरशिप को अहम माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है। फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत स्थानीय पार्टनर्स ईवी मोबिलिटी हब स्थापित और संचालित कर सकते हैं, जबकि उन्हें बिजलीराइड के व्यापक ईवी इकोसिस्टम और ऑपरेशनल क्षमताओं का सपोर्ट मिलता है।
फ्रेंचाइजी विस्तार के दूसरे चरण (Phase 2) में कंपनी का ध्यान पश्चिमी और उत्तरी भारत के बाजारों पर रहेगा। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल फ्लीट की बढ़ती मांग को पूरा करना और कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करना है।
मौजूदा फ्रेंचाइजी मॉडल के अलावा, बिजलीराइड (Bijliride) राजस्थान और महाराष्ट्र में मास्टर फ़्रैंचाइज़ मॉडल का पायलट भी चला रही है। इस मॉडल के तहत कंपनी बड़े भौगोलिक क्षेत्र में विस्तार के लिए मार्केट-लेवल पार्टनरशिप का मूल्यांकन कर रही है। पायलट के जरिए कंपनी इस मॉडल की स्केलेबिलिटी और ऑपरेशनल स्टैंडर्ड बनाए रखने की क्षमता को परखेगी।
बिजलीराइड के को-फाउंडर और सीईओ शिवम सिसोदिया ने कहा कि भारत में ईवी मोबिलिटी को बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल कंपनी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। उन्होंने कहा कि 20 एक्टिव फ्रेंचाइजी पार्टनर्स और 20 अन्य पार्टनरशिप के अंतिम चरण में होने से कंपनी को 50 फ्रेंचाइजी के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए मजबूत आधार मिला है।
कंपनी का फ्रेंचाइजी विस्तार डिलीवरी राइडर्स, गिग वर्कर्स और लास्ट-माइल मोबिलिटी यूजर्स के लिए एक अधिक सुलभ और डिस्ट्रीब्यूटेड ईवी इकोसिस्टम तैयार करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। बिजलीराइड आने वाले समय में ऐसे पार्टनरशिप मॉडल्स का मूल्यांकन जारी रखेगी, जो भारत के बढ़ते ईवी मोबिलिटी बाजार में तेज और प्रभावी विस्तार में मदद कर सकें।