इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इकोसिस्टम और अर्बन मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बिजलीराइड (Bijliride) ने Flipkart की क्विक कॉमर्स सर्विस फ्लिपकार्ट मिनट्स (Flipkart Minutes) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां प्रमुख शहरों में सस्टेनेबल लास्ट-माइल डिलीवरी को बढ़ावा देंगी। इसके लिए बिजलीराइड (Bijliride) चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को दिल्ली-NCR, बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और पुणे में तैनात करेगी।
कंपनियों के अनुसार, इस तैनाती के लिए एक फिक्स्ड फ्लीट मॉडल के बजाय डिमांड-आधारित ऑपरेशनल मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत डिलीवरी की मांग और राइडर्स की जरूरत के अनुसार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या को बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। यह साझेदारी Flipkart के 2030 तक 100% इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और उसके EV Assist initiative के साथ भी जुड़ी है।
बिजलीराइड (Bijliride) के पास देशभर में 6,000 से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का तैनात फ्लीट है। कंपनी क्विक कॉमर्स सेक्टर में व्हीकल डाउनटाइम की समस्या को कम करने के लिए कमर्शियल रेंटल प्लान, बैटरी स्वैपिंग, डोरस्टेप बैटरी डिलीवरी, फ्लीट मेंटेनेंस, 24x7 रोडसाइड असिस्टेंस और टेलीमैटिक्स आधारित फ्लीट मैनेजमेंट जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
बिजलीराइड के फाउंडर और सीईओ शिवम सिसोदिया ने कहा कि कमर्शियल लॉजिस्टिक्स में ईवी अपनाने के लिए सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को सड़कों पर उतारना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए व्हीकल्स के साथ एक भरोसेमंद ऑपरेशनल सिस्टम तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फ्लिपकार्ट मिनट्स के साथ साझेदारी का उद्देश्य ग्रीन मोबिलिटी को व्यावहारिक, किफायती और बड़े स्तर पर लागू करने योग्य बनाना है।
इस साझेदारी का एक प्रमुख फोकस डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई और यूनिट इकॉनॉमिक्स को बेहतर करना है। पारंपरिक ICE टू-व्हीलर्स चलाने वाले डिलीवरी राइडर्स के लिए ईंधन एक बड़ा नियमित खर्च होता है। बिजलीराइड के एसेट-लाइट रेंटल मॉडल के जरिए राइडर्स को वाहन खरीदने के लिए बड़ी शुरुआती रकम खर्च नहीं करनी होगी और प्रति किलोमीटर ऑपरेटिंग लागत भी कम हो सकती है।
फेस्टिव शॉपिंग सीजन के दौरान बढ़ने वाली डिलीवरी मांग को देखते हुए बिजलीराइड और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने फेस्टिव रेंटल बेनिफिट्स और प्राथमिकता के आधार पर व्हीकल उपलब्धता की व्यवस्था भी की है। इसका उद्देश्य डिलीवरी पार्टनर्स को मेंटेनेंस से जुड़ी रुकावटों के बिना ज्यादा समय तक सड़क पर काम करने में मदद करना है।
क्विक कॉमर्स की बढ़ती मांग के बीच यह साझेदारी भारत के प्रमुख शहरों में जीरो-एमिशन और आर्थिक रूप से टिकाऊ लास्ट-माइल डिलीवरी नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।