भारत की एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी सिग्नी एनर्जी (Cygni Energy) और टेलीकॉम टावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी इंडस टावर्स (Indus Towers) ने भारत में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस की सोर्सिंग को लेकर सहयोग तलाशने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य टेलीकॉम सेक्टर की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एडवांस्ड एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस पर काम करना है।
एमओयू (MoU) के तहत दोनों कंपनियां टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करने के लिए 1.5 GWh तक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मैन्युफैक्चरिंग क्षमता स्थापित करने की संभावनाओं का मूल्यांकन करेंगी। इसके साथ ही, टेलीकॉम एप्लिकेशन के लिए एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी को भी जांचा जाएगा। इन सॉल्यूशंस का उद्देश्य टेलीकॉम नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाना, एनर्जी एफिशिएंसी में सुधार करना और अधिक टिकाऊ संचालन को सक्षम बनाना है।
सिग्नी एनर्जी (Cygni Energy) के फाउंडर और सीईओ वेंकट राजारमन ने कहा कि यह पहल केवल बैटरी सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की बदलती ऊर्जा जरूरतों के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और टेक्नोलॉजी तैयार करने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि कंपनी 2 GWh तक की क्षमता विकसित करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, कंपनी 100Ah सॉल्यूशंस से आगे बढ़कर 314Ah सिस्टम और नई बैटरी टेक्नोलॉजी के लिए भी पोर्टफोलियो तैयार करने पर काम करेगी।
आईआईटी मद्रास के इंस्टीट्यूट प्रोफ़ेसर और आईटीईएल फ़ाउंडेशन के चेयरमैन प्रो अशोक झुनझुनवाला ने कहा कि यूजर्स, स्टार्टअप्स, मैन्युफैक्चरर्स और टेक्नोलॉजी संस्थानों के बीच सहयोग भारत में एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस के विकास और उन्हें अपनाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम सेक्टर बैटरी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण एप्लिकेशन क्षेत्र है।
भारत अपने डिजिटल और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काम कर रहा है। ऐसे में टेक्नोलॉजी डेवलपर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों और मैन्युफैक्चरर्स के बीच साझेदारी घरेलू इनोवेशन को बढ़ावा देने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और अगली पीढ़ी के एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।