इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन स्टार्टअप बिलियनई मोबिलिटी (BillionE Mobility) ने भारत के औद्योगिक फ्रेट कॉरिडोरों में अपने इलेक्ट्रिक ट्रक परिचालन के विस्तार के लिए $25 मिलियन (करीब 200 करोड़ रुपये) की ग्रोथ कैपिटल फंडिंग जुटाई है। यह फंडिंग इक्विटी और डेट के मिश्रण के जरिए की गई है, जिसमें अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स, फैमिली ऑफिस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सहित कई वित्तीय संस्थानों ने भाग लिया।
कंपनी इस पूंजी का उपयोग वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती, फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी। बिलियनई मोबिलिटी (BillionE Mobility) एक ई-मोबिलिटी-एज़-ए-सर्विस (E-Mobility-as-a-Service (EMaaS)) प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती है, जिसका फोकस मिड-माइल और लॉन्ग-हॉल फ्रेट ट्रांसपोर्ट को डीकार्बनाइज़ करना है।
बिलियनई मोबिलिटी के सीईओ और सह-संस्थापक संजेव कुलकर्णी ने कहा,“हम अब पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर वास्तविक, बड़े स्तर की तैनाती की ओर जा रहे हैं, जहां निष्पादन, विश्वसनीयता और अर्थशास्त्र सबसे अहम हैं। यह पूंजी हमें फ्लीट विस्तार, ऑपरेशनल तैयारी और उन ग्राहकों के साथ साझेदारी मजबूत करने में मदद करेगी जो अपने लॉजिस्टिक्स को डीकार्बनाइज़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
वहीं, बिलियनई (BillionE) प्लेटफॉर्म (जिसमें चार्जज़ोन (ChargeZone) और Billion Electric शामिल हैं) के संस्थापक और चीफ प्लेटफॉर्म आर्किटेक्ट कार्तिकेय हरियानी ने बताया कि कंपनी 120% सालाना वृद्धि दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि 19-टन और 55-टन श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक कुछ रूट्स पर डीज़ल वाहनों के मुकाबले टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप (TCO) के लिहाज से बराबरी हासिल कर चुके हैं।
कंपनी ने अगले 2–3 वर्षों में 1,500 से अधिक इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती की योजना भी बताई है, जो ग्राहक मांग और फाइनेंसिंग व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगी। विस्तारित फ्लीट सीमेंट, ऑटोमोबाइल, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, मेटल्स, FMCG, केमिकल्स, ई-कॉमर्स, फार्मास्यूटिकल्स और मिनरल्स जैसे क्षेत्रों को सेवा देगी, जहां निश्चित रूट्स और उच्च वाहन उपयोग दरें होती हैं।
बिलियनई मोबिलिटी (BillionE Mobility) की ग्रुप कंपनी चार्ज ज़ोन (CHARGE ZONE), जिसे भारत के सबसे बड़े EV चार्जिंग नेटवर्क्स में से एक बताया जाता है, इन फ्रेट कॉरिडोरों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि बढ़ती इलेक्ट्रिक फ्लीट से टेलपाइप उत्सर्जन में कमी आएगी और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स की कार्बन इंटेंसिटी घटेगी।
बिलियनई मोबिलिटी (BillionE Mobility) खुद को इलेक्ट्रिक वाहन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्लीट मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी को एकीकृत करने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में पेश कर रही है, जिसका लक्ष्य भारत में ज़ीरो-एमिशन कमर्शियल ट्रांसपोर्ट को तेज़ी से आगे बढ़ाना है।