डिजिटल प्रोडक्ट इंजीनियरिंग कंपनी GlobalLogic (हिटाची ग्रुप) और उसकी रणनीतिक साझेदार IRCLASS Systems and Solutions Pvt. Ltd. (ISSPL) ने अहमदाबाद म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (AMTC) की इलेक्ट्रिक बसों के लिए साइबर सुरक्षा ऑडिट के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस सुरक्षित ईवी बस बेड़े का उद्घाटन 13 फरवरी 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया, जो राज्य के सुरक्षित और तकनीक-समर्थित सार्वजनिक परिवहन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह पहल BRT-संगत मिडी एसी इलेक्ट्रिक बसों की साइबर सुरक्षा और संचालन क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई, जिसमें संभावित साइबर खतरों की पहचान और उनके समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया। इन बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के तहत GPS-आधारित AVLS, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS), CCTV निगरानी और ऑटोमेटेड रन-किलोमीटर कैलकुलेशन जैसी उन्नत सुविधाएं शामिल हैं।
साइबर सुरक्षा मूल्यांकन के दौरान इन-व्हीकल नेटवर्क, फर्मवेयर, CCTV और mNVR डिवाइस, ITS मॉड्यूल, API, वेब पोर्टल और डेटा स्टोरेज सिस्टम सहित कई तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की गई। इस प्रक्रिया में ISO/SAE 21434 और AIS-189 जैसे वैश्विक मानकों के अनुरूप ग्रे-बॉक्स पेनिट्रेशन टेस्टिंग अपनाई गई।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह पहल स्वच्छ परिवहन के साथ-साथ सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं GlobalLogic और ISSPL के अधिकारियों ने इसे भविष्य के स्मार्ट और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक और डिजिटल मोबिलिटी के बीच यह पहल भारत में सुरक्षित, विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
ग्लोबललॉजिक ( GlobalLogic) के ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट पियूष झा ने कहा “जैसे-जैसे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अधिक स्मार्ट और कनेक्टेड बन रही है, साइबर सुरक्षा यात्रियों की सुरक्षा और संचालन की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एएमटीसी (AMTC) के साथ हमारा यह कार्य डिजिटल रेजिलिएंस को मजबूत करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
आईएसएसपीएल (ISSPL) के सीओओशशि नाथ मिश्रा ने कहा: “इस तरह के बड़े पैमाने के कनेक्टेड मोबिलिटी प्रोग्राम में केवल मैकेनिकल परफॉरमेंस पर्याप्त नहीं होता, बल्कि वाहन के इलेक्ट्रॉनिक्स, कंट्रोल सिस्टम और डेटा फ्लो की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यह साझेदारी दिखाती है कि कैसे संरचित साइबर सुरक्षा मूल्यांकन संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर सुरक्षित समाधान सुनिश्चित कर सकता है।”
तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक और डिजिटल मोबिलिटी के बीच यह पहल भारत में सुरक्षित, विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।