कर्नाटक सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर दी जा रही लाइफटाइम रोड टैक्स छूट को वापस लेते हुए नई टैक्स व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। हालांकि, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को इस टैक्स से बाहर रखा गया है।
नई व्यवस्था के तहत अब कार, जीप, बस और अन्य निजी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लाइफटाइम टैक्स लगाया जाएगा। पहले यह टैक्स केवल ₹25 लाख से अधिक कीमत वाले वाहनों पर लागू होता था, लेकिन अब सभी बैटरी संचालित वाहनों को इसके दायरे में लाया गया है।
सरकार ने वाहन की कीमत के आधार पर टैक्स दर तय की है 10 लाख रुपये तक के वाहनों पर 5%, 10 से 25 लाख रुपये तक के वाहनों पर 8% और 25 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले वाहनों पर 10% टैक्स देना होगा।
पहले से रजिस्टर्ड वाहनों के मालिकों को भी यह टैक्स देना होगा, जिसमें वाहन की उम्र के अनुसार 93% से 25% तक टैक्स लिया जाएगा। यह प्रावधान Karnataka Motor Vehicles Taxation (Amendment) Bill, 2026 के तहत लागू किया गया है, जिसे मार्च 2026 में पारित किया गया था।
सरकार के अनुसार, यह कदम अतिरिक्त राजस्व जुटाने के उद्देश्य से उठाया गया है और इससे लगभग ₹250 करोड़ की आय होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) जल्द ही इस टैक्स की वसूली शुरू करेंगे।
हालांकि, इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के बजाय उनके अपनाने की गति को धीमा कर सकती है, खासकर ऐसे समय में जब लोग ईंधन की अनिश्चितता के बीच EV की ओर रुख कर रहे हैं।
विपक्षी प्रमुखों ने भी इसे “प्रतिगामी कदम” बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह निर्णय जरूरी था।