शेयर्ड ईवी मोबिलिटी कंपनी युलु (Yulu) ने घोषणा की कि उसके इलेक्ट्रिक वाहनों ने भारत में कुल मिलाकर 2 अरब किलोमीटर की दूरी तय कर ली है। कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि शेयर्ड ईवी सेगमेंट में किसी भी अन्य खिलाड़ी से अधिक है। खास बात यह है कि जहां 1 अरब किलोमीटर तक पहुंचने में 6 साल लगे, वहीं अगला 1 अरब किलोमीटर सिर्फ 14 महीनों में पूरा हो गया।
इस तेज़ी का मुख्य कारण क्विक-कॉमर्स और ऑन-डिमांड सेवाओं की बढ़ती मांग रही है। युलु के डिलीवरी ईवी ज़ोमैटो, स्विगी, बिगबास्केट, ब्लिंकिट, फ्लिपकार्ट मिनट्स, इंस्टामार्ट और ज़ेप्टो जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ इंटीग्रेटेड हैं, साथ ही अर्बन कंपनी, प्रोंटो और स्नैबिट (Snabbit) जैसे ऑन-डिमांड होम सर्विस प्लेटफॉर्म्स से भी जुड़े हैं।
कंपनी का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म ने गिग वर्कर्स को पेट्रोल वाहनों की तुलना में 30–40% तक अधिक बचत करने में मदद की है। अब तक 5 लाख से ज्यादा गिग वर्कर्स, जिनमें 1,000 से अधिक महिला राइडर्स शामिल हैं, युलु का उपयोग कर चुके हैं। पर्यावरण के लिहाज से, इस फ्लीट ने पिछले 7 वर्षों में 5.4 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन को कम करने में योगदान दिया है।
युलु के सीईओ और को-फाउंडर अमित गुप्ता ने कहा कि 2 अरब किलोमीटर का यह माइलस्टोन कंपनी की मार्केट लीडरशिप और शहरी मोबिलिटी में उसके प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि युलु आगे भी लोगों, व्यवसायों और शहरों के लिए बेहतर और टिकाऊ परिवहन समाधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्तमान में युलु बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद में 45,000 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का संचालन कर रही है। कंपनी FY2027 तक अपने फ्लीट साइज को दोगुना करने और नए शहरों में विस्तार करने की योजना बना रही है।