महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की सहायक कंपनी महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड (MLMML) ने वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए लगातार चौथे साल भारत की अग्रणी इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी का स्थान बरकरार रखा है। यह जानकारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के आधार पर सामने आई है।
कंपनी ने FY26 के दौरान 1 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो किसी भी कमर्शियल वाहन निर्माता के लिए एक वित्तीय वर्ष में पहली बार हासिल किया गया महत्वपूर्ण मुकाम है। इसके साथ ही MLMML की कुल इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री 3.4 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई है।
L5 कैटेगरी (मोटराइज्ड थ्री-व्हीलर) में कंपनी का बाजार हिस्सेदारी 39.7% रही, जो इस सेगमेंट में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है। कंपनी के अनुसार, उसके इलेक्ट्रिक वाहनों ने अब तक कुल 6 बिलियन किलोमीटर से अधिक दूरी तय की है, जिससे लगभग 240 किलो मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में ‘महिंद्रा UDO’ को शामिल किया, जो 200 किलोमीटर की रियल-वर्ल्ड ड्राइविंग रेंज के साथ आता है। इसमें रिवर्स थ्रॉटल और एयरोडायनामिक डिजाइन जैसी एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जिन्हें इस सेगमेंट में पहली बार पेश किया गया बताया जा रहा है।
एमएलएमएमएल (MLMML) के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में Treo सीरीज, Zor Grand, e-Alfa, UDO और ZEO 4W SCV शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी Alfa और Jeeto ब्रांड के तहत पेट्रोल, CNG और डीजल वेरिएंट भी उपलब्ध कराती है। महिंद्रा ग्रुप, जिसकी स्थापना 1945 में हुई थी, आज 100 से अधिक देशों में करीब 3.24 लाख कर्मचारियों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है।