भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने “इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नवोन्मेषण सशक्तिकरण” परियोजना के तहत एसचार्ज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। यह परियोजना भारत-ब्रिटेन सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसमें यूके की अल्ब्राइट प्रोडक्ट डिजाइन लिमिटेड भी भागीदार है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग अवसंरचना के लिए उन्नत और कुशल समाधान विकसित करना है।
इस परियोजना के तहत अगली पीढ़ी के ईवी चार्जिंग समाधान विकसित किए जाएंगे, जो विशेष रूप से वाणिज्यिक बेड़े और डिपो संचालन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसमें एसचार्ज द्वारा विकसित चार्ज कंट्रोलर को यूके भागीदार की पेटेंट स्वचालित केबल प्रबंधन प्रणाली के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे चार्जिंग प्रक्रिया की दक्षता, सुरक्षा और उपयोगिता में सुधार होगा।
नई तकनीक में मोटरयुक्त ओवरहेड केबल मैनेजमेंट सिस्टम शामिल है, जो मैन्युअल हस्तक्षेप को कम करते हुए केबल क्षति और अव्यवस्था को घटाएगा। यह सिस्टम एसी टाइप-2 ईवी चार्जर के साथ संगत है और चार्जिंग टर्नअराउंड समय को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इससे डिपो में सुरक्षित और व्यवस्थित चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित होगा।
इस पहल से केबल प्रबंधन, उपकरण सुरक्षा और संचालन दक्षता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान होगा, साथ ही तोड़फोड़ और जोखिम को कम कर सुरक्षा मानकों में सुधार आएगा। एसचार्ज, जो एक उभरती भारतीय ईवी तकनीकी कंपनी है, इस परियोजना के जरिए स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने और टिकाऊ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का लक्ष्य रखती है।
टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय सहयोगी पहलें उन्नत और उद्योग-अनुकूल तकनीकों के विकास को गति देती हैं। वहीं, एसचार्ज के प्रमोटर ने इस समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि इससे कंपनी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ईवी चार्जिंग समाधान विकसित कर सकेगी और बढ़ती बाजार मांग को पूरा कर पाएगी।