DST और MOST की नई वेबसाइटें लॉन्च, 22 भाषाओं में मिलेंगी विज्ञान, रिसर्च और स्टार्टअप्स से जुड़ी जानकारियां

DST और MOST की नई वेबसाइटें लॉन्च, 22 भाषाओं में मिलेंगी विज्ञान, रिसर्च और स्टार्टअप्स से जुड़ी जानकारियां

DST और MOST की नई वेबसाइटें लॉन्च, 22 भाषाओं में मिलेंगी विज्ञान, रिसर्च और स्टार्टअप्स से जुड़ी जानकारियां
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया; विद्यार्थियों, रिसर्च स्कॉलर्स, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स को रिसर्च ग्रांट्स, फेलोशिप, वैज्ञानिक योजनाओं और आवेदन संबंधी जानकारियां एक ही जगह मिलेंगी।


विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े अवसरों तक विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की पहुंच आसान बनाने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट को नए स्वरूप में लॉन्च किया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 9 अक्टूबर 2026 को DST की वेबसाइट www.dst.gov.in और मिनिस्ट्री ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (MOST) से संबंधित मंत्रालय की वेबसाइट www.most.gov.in का शुभारंभ किया।

इन वेबसाइटों को बहुभाषी, नागरिक-केंद्रित और अधिक सुलभ बनाया गया है, ताकि देशभर के विद्यार्थी, रिसर्च स्कॉलर्स, शैक्षणिक संस्थान, नवाचारकर्ता और उद्यमी सरकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।

रिसर्च ग्रांट्स और फेलोशिप की जानकारी एक प्लेटफॉर्म पर

नई वेबसाइटों पर विद्यार्थियों, शोध अध्येताओं और शोधकर्ताओं के लिए रिसर्च ग्रांट्स, फेलोशिप, वैज्ञानिक योजनाओं और अन्य अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उपयोगकर्ता यहां पात्रता मानदंड, आवेदन संबंधी दिशानिर्देश, प्रस्ताव आमंत्रण, पुरस्कार, परिणाम और आधिकारिक अधिसूचनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

वेबसाइटों की सूचना संरचना को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग विभागों या दस्तावेजों में जानकारी तलाशने में कम समय लगे। योजनाओं और अवसरों से संबंधित सेक्शन के माध्यम से रिसर्च एवं डेवलपमेंट के लिए फंडिंग, आवेदन प्रपत्र और प्रस्ताव आमंत्रण की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इसके अलावा, एक केंद्रीय दस्तावेज भंडार में नीतिगत दस्तावेज, दिशानिर्देश, रिपोर्ट, अधिसूचनाएं और प्रशासनिक प्रपत्र उपलब्ध होंगे।

यह व्यवस्था विशेष रूप से उन विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी हो सकती है, जो उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान या नवाचार से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय सहायता और संस्थागत अवसर तलाश रहे हैं।

22 भाषाओं में मिलेगी विज्ञान और तकनीक की जानकारी

नई वेबसाइटों की प्रमुख विशेषताओं में भाषिणी का एकीकरण शामिल है, जिसके माध्यम से सामग्री 22 भाषाओं में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग भाषायी पृष्ठभूमि वाले नागरिकों तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी जानकारी पहुंचाना है। इसके साथ ही, वेबसाइटों पर सार्वभौमिक सुगम्यता (Accessibility) से जुड़े टूल्स भी शामिल किए गए हैं। उपयोगकर्ता अक्षरों का आकार बदल सकते हैं, हाई-कॉन्ट्रास्ट डिस्प्ले मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं और लिंक को हाइलाइट करने के साथ अक्षरों तथा पंक्तियों के बीच की दूरी को समायोजित कर सकते हैं। स्क्रीन-रीडर के अनुकूल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे विभिन्न आवश्यकताओं वाले उपयोगकर्ताओं के लिए वेबसाइट का इस्तेमाल आसान हो सके।

वेबसाइटों का Responsive Design उन्हें डेस्कटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन पर उपयोग करने की सुविधा देता है। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अलग-अलग उपकरणों पर सरकारी योजनाओं, आवेदन की समयसीमा और वैज्ञानिक कार्यक्रमों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं के लिए भी उपयोगी

नई वेबसाइटों का उद्देश्य केवल शैक्षणिक जानकारी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के व्यापक इकोसिस्टम को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना भी है। इस पर शैक्षणिक संस्थानों, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों और मीडिया पेशेवरों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध होगी।

डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) के विभिन्न प्रभागों, कार्यक्रमों, योजनाओं, सेवाओं और अधिकारियों के संपर्क विवरण को भी व्यवस्थित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग में रुचि रखने वाले हितधारकों के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग से संबंधित जानकारी के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इससे शोध संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को संबंधित कार्यक्रमों तथा सहयोग के अवसरों की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा हो सकती है।

डिजिटल गवर्नेंस के मानकों के अनुरूप नई वेबसाइटें

डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, नई वेबसाइटें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस और “जनता द्वारा विज्ञान, जनता के लिए विज्ञान” के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती हैं। इन वेबसाइटों को DBIM 3.0 और GIGW 3.0 के दिशानिर्देशों के अनुरूप विकसित किया गया है। इनमें Modular Content Management System (CMS), SSL/TLS एन्क्रिप्शन और Content Delivery Network (CDN) जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सुरक्षा, लोडिंग स्पीड और वेबसाइट की उपलब्धता बेहतर बनाना है।

नई वेबसाइटों पर समाचार, प्रेस विज्ञप्तियां, प्रस्ताव आमंत्रण, परिणाम और घोषणाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध होंगी। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी योजनाओं, फेलोशिप और अनुदानों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। हालांकि, इनकी उपयोगिता नियमित अपडेट और सूचनाओं की सुलभ उपलब्धता पर निर्भर करेगी।


Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities