जर्मनी में शुरू हुई स्लीप टेक्नोलॉजी कंपनी एम्मा स्लीप (Emma Sleep) ने भारत में वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किए गए स्लीप प्रोडक्ट्स के साथ अपनी मौजूदगी मजबूत करने की योजना बनाई है। फ्रैंकफर्ट में 2015 में स्थापित यह कंपनी अब दुनिया के प्रमुख स्लीप सॉल्यूशंस ब्रांड्स में शामिल हो चुकी है और 33 देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है।
एम्मा (Emma) ने भारत में 2023 में अपने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) वेबसाइट के जरिए प्रवेश किया था। महज दो वर्षों में कंपनी ने भारत से 200 करोड़ से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया है, जिससे भारत कंपनी के वैश्विक स्तर पर शीर्ष सात बाजारों में शामिल हो गया है। कंपनी आने वाले वर्षों में भारत को अपने टॉप तीन बाजारों में शामिल करने का लक्ष्य रखती है।
भारत में एम्मा (Emma) डिजिटल-फर्स्ट ओम्नीचैनल रणनीति अपनाती है, जिसमें ग्राहक पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ब्रांड को खोजते हैं और बाद में ऑफलाइन स्टोर्स पर जाकर उत्पादों का अनुभव कर सकते हैं। शुरुआत में कंपनी ने अपने D2C प्लेटफॉर्म पर फोकस किया, जिसके बाद उसने अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे मार्केटप्लेस पर भी अपनी उपस्थिति बढ़ाई।
हाल के समय में कंपनी ने एक्सपीरियंस स्टोर्स के जरिए ऑफलाइन रिटेल में भी कदम रखा है, जहां ग्राहक खरीदारी से पहले मैट्रेस और अन्य उत्पादों को आजमा सकते हैं। एम्मा स्लीप इंडिया (Emma Sleep India) के रिटेल और मार्केटप्लेस लीड मुकुल अग्रवाल के अनुसार, कंपनी के भारत में फिलहाल 9 स्टोर्स संचालित हो रहे हैं और 2026 तक इन्हें बढ़ाकर करीब 20 स्टोर्स करने की योजना है।
कंपनी के स्टोर मुख्य रूप से हाई स्ट्रीट लोकेशंस पर खोले जा रहे हैं, ताकि ग्राहक अनुभव और ब्रांड इंटरैक्शन पर अधिक नियंत्रण रखा जा सके। फिलहाल ऑफलाइन रिटेल कंपनी के कुल कारोबार का लगभग 12% हिस्सा है, जिसे विस्तार के साथ बढ़ाकर करीब 25% तक ले जाने का लक्ष्य है।
भारत में एम्मा (Emma) का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो फिलहाल मैट्रेस, पिलो और मैट्रेस प्रोटेक्टर जैसे सीमित लेकिन चुने हुए उत्पादों तक केंद्रित है। हालांकि वैश्विक स्तर पर कंपनी के पास व्यापक प्रोडक्ट रेंज है, लेकिन भारत में यह पेशकश स्थानीय उपभोक्ताओं की जरूरतों और रिसर्च के आधार पर तय की गई है।