गेटवे डिस्ट्रिपार्क्स (Gateway Distriparks Limited ) ने कमर्शियल फ्रेट ऑपरेशंस के लिए Blue Energy Motors द्वारा सप्लाई किए गए इलेक्ट्रिक हेवी-ड्यूटी ट्रकों को तैनात किया है। लॉजिस्टिक्स कंपनियां सड़क के जरिए माल ढुलाई में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रही हैं, ऐसे में यह डिप्लॉयमेंट महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन इलेक्ट्रिक ट्रकों को गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू स्थित GDL के इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) से फ्लैग ऑफ किया गया। इनका इस्तेमाल कंपनी के ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के तहत फ्रेट मूवमेंट के लिए किया जाएगा। GDL के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन कंटेनर लॉजिस्टिक्स में फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को सपोर्ट करेंगे।
गेटवे डिस्ट्रिपार्क्स (Gateway Distriparks) के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संविद गुप्ता ने कहा कि कंपनी ऐसे समाधानों को अपना रही है, जो उसकी पर्यावरणीय प्राथमिकताओं को पूरा करने के साथ लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस में जरूरी विश्वसनीयता और दक्षता को भी बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि ब्लू एनर्जी मोटर्स (Blue Energy Motors) के सपोर्ट और उसके चार्जिंग इकोसिस्टम के साथ GDL ने फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए इलेक्ट्रिक ट्रेलर्स को तैनात किया है। यह कंटेनर लॉजिस्टिक्स में इलेक्ट्रिक ट्रेलर्स की बढ़ती व्यवहार्यता को दर्शाता है।
ब्लू एनर्जी मोटर्स (Blue Energy Motors) के CEO – EV & New Energy आनंद मिमानी ने कहा कि इस डिप्लॉयमेंट से कंपनी को फ्लीट ऑपरेटर्स के साथ मिलकर कमर्शियल फ्रेट ऑपरेशंस में इलेक्ट्रिक ट्रकों के प्रदर्शन और परिचालन जरूरतों का आकलन करने में मदद मिलेगी।
भारत के हेवी कमर्शियल व्हीकल और फ्रेट सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है। हालांकि, इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक ट्रकों की व्यावसायिक व्यवहार्यता के लिए वाहन की रेंज, पेलोड क्षमता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वाहन का उपयोग जैसे कारक महत्वपूर्ण हैं।
ब्लू एनर्जी मोटर्स (Blue Energy Motors) के अनुसार, उसके इलेक्ट्रिक हेवी-ड्यूटी ट्रक मुंबई-दिल्ली-NCR कॉरिडोर पर भी संचालित किए जा चुके हैं। कंपनी के मुताबिक, इन तैनातियों का उद्देश्य लंबी दूरी के फ्रेट मूवमेंट में इलेक्ट्रिक ट्रकों के इस्तेमाल को प्रदर्शित करना और वास्तविक परिस्थितियों में उनके परिचालन से जुड़े अनुभव हासिल करना है।
फ्रेट ऑपरेशंस में इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने में लॉजिस्टिक्स और फ्लीट ऑपरेटर्स की बढ़ती रुचि अहम भूमिका निभा रही है। हालांकि, हेवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यवहार्यता चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता और लोकेशन, वाहन की खरीद लागत, बैटरी क्षमता, रूट की प्रकृति और ऑपरेटिंग पैटर्न जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।
जीडीएल (GDL) ने अपने मौजूदा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस में इलेक्ट्रिक हेवी-ड्यूटी वाहनों को शामिल किया है। हालांकि, कंपनी ने तैनात किए गए ट्रकों की संख्या, उनकी बैटरी क्षमता, रेंज, पेलोड क्षमता या कुल फ्रेट ऑपरेशंस में इलेक्ट्रिक फ्लीट की हिस्सेदारी का खुलासा नहीं किया है।
ब्लू एनर्जी मोटर्स (Blue Energy Motors) ने बताया कि उसके 1,400 से अधिक ग्रीन हेवी-ड्यूटी ट्रक वर्तमान में भारत में फ्रेट रूट्स पर संचालित हो रहे हैं। इन वाहनों ने अब तक 12.2 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है और कंपनी के अनुसार, इससे 33,000 टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन को रोकने में मदद मिली है। ये आंकड़े कंपनी के व्यापक हेवी-ड्यूटी व्हीकल पोर्टफोलियो से जुड़े हैं और केवल GDL के हालिया डिप्लॉयमेंट के आंकड़े नहीं हैं।