कंपनी ने जनवरी 2025 में प्री-सीरीज़ A राउंड में पहले ही 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए थे, जिसका नेतृत्व Pravega Ventures ने किया था। साथ ही नई फंडिंग का उपयोग अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और कम्युनिकेशन पेलोड्स पर केंद्रित प्रोडक्ट रिसर्च और डेवलपमेंट को तेज करने के लिए किया जाएगा। ये सिस्टम ड्रोन, ग्राउंड सिस्टम, नेवल वेसल और सैटेलाइट सहित कई प्लेटफॉर्म के लिए बनाए गए हैं।
साल 2017 में सत्य गोपाल पाणिग्राही और अविनाश चेनरेड्डी द्वारा स्थापित Constelli उन्नत सिग्नल प्रोसेसिंग सॉल्यूशंस और इंजीनियरिंग टूल्स विकसित करता है, जो महत्वपूर्ण एयरोस्पेस और डिफेंस सिस्टम के डिज़ाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग में मदद करते हैं।
कंपनी आधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, मॉडलिंग, सिमुलेशन और डिस्ट्रीब्यूटेड कंप्यूटिंग का उपयोग कर तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाती है और विकास समय को कम करती है।
Constelli के प्रोडक्ट्स का उपयोग दुनिया भर के संगठन कर रहे हैं, जो राडार और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम बना रहे हैं। भारत में यह कंपनी रक्षा मंत्रालय और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के साथ काम करती है, साथ ही दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ भी जुड़ी है।
कंपनी जल्दी प्रोटोटाइप बनाने और प्रारंभिक उत्पादन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की योजना बना रही है, ताकि फील्ड-रेडी सिस्टम को तेज़ी से तैनात किया जा सके। साथ ही यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारत रक्षा खर्च बढ़ा रहा है, और 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को केंद्रीय बजट में 7.84 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो वर्तमान वित्त वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।