हरियाणा सरकार ने राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की शिक्षा सहायता योजनाओं का विस्तार करते हुए 'बुनियाद' योजना के तहत 25 नए केंद्र स्थापित करने और कुरुक्षेत्र में स्थित सुपर-100 केंद्र को 100 नए कंप्यूटर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है।
इन घोषणाओं की जानकारी मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा सुपर-100 सम्मान समारोह के दौरान दी। इस कार्यक्रम में सुपर-100 योजना के अंतर्गत IIT-JEE परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी उपस्थित रहे।
बुनियाद योजना का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पहले से संचालित 103 बुनियाद केंद्रों के साथ अब 25 नए केंद्र जोड़े जाएंगे। इसके बाद इन केंद्रों की कुल संख्या 128 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इन नए केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की पढ़ाई केवल आर्थिक या संसाधनों की कमी के कारण प्रभावित न हो। सरकार चाहती है कि राज्य के प्रत्येक योग्य छात्र को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।
सुपर-100 केंद्र को मिलेंगे आधुनिक संसाधन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कुरुक्षेत्र में स्थित सुपर-100 केंद्र को 100 नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे केंद्र की डिजिटल शिक्षण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा विद्यार्थियों को तकनीक आधारित अध्ययन का बेहतर वातावरण मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आज के समय में डिजिटल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। आधुनिक कंप्यूटर और डिजिटल संसाधनों की मदद से छात्र बेहतर तरीके से अभ्यास कर सकेंगे और नई तकनीकों का उपयोग करते हुए अपनी तैयारी को और प्रभावी बना पाएंगे।
क्या हैं सुपर-100 और बुनियाद योजना?
हरियाणा सुपर-100 योजना के तहत सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को IIT-JEE, NEET और अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचने का अवसर देना है।
वहीं, बुनियाद योजना के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर ही प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान कर उन्हें उचित मार्गदर्शन और शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।
मेधावी छात्रों का किया सम्मान
हरियाणा सुपर-100 सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने IIT-JEE परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने छात्रों को विकसित भारत का भविष्य बताते हुए कहा कि उनके सामने देश का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने सफल छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि IIT-JEE जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त करना विद्यार्थियों की असाधारण मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
बेटियों की सफलता पर जताई खुशी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हरियाणा की बेटियां भी सुपर-100 योजना में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन छात्राओं की उपलब्धियां राज्य की हजारों अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेंगी और उन्हें शिक्षा, विज्ञान तथा तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने का उत्साह देंगी। सरकार का उद्देश्य लड़कियों को समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।
शिक्षकों की भूमिका को भी सराहा
मुख्यमंत्री ने सुपर-100 योजना से जुड़े शिक्षकों के योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने का कार्य नहीं किया, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सफलता का विश्वास भी विकसित किया है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे शिक्षक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की होगी अहम भूमिका
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में देश का भविष्य तकनीकी रूप से दक्ष, नवाचारी और शिक्षित युवाओं के हाथों में होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा के सुपर-100 योजना से निकलने वाले छात्र 'मेक इन इंडिया', 'आत्मनिर्भर भारत' और देश को वैश्विक ज्ञान एवं नवाचार केंद्र बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिभाशाली छात्रों को सही अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, तो वे न केवल अपने परिवार और राज्य बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा सरकार भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास जारी रखेगी, ताकि राज्य का प्रत्येक प्रतिभाशाली छात्र अपनी योग्यता के अनुसार आगे बढ़ सके और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।