स्टार्टअप ने कहा कि नए फंड का इस्तेमाल R&D तेज करने, अपने वियरेबल डिवाइस और मोबाइल ऐप में सुधार करने और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने में किया जाएगा।
CURAPOD D2C चैनल्स को बढ़ाकर, जिम्स, फिजियोथेरेपी सेंटर और स्पोर्ट्स मेडिसिन नेटवर्क के साथ साझेदारी करके अपनी गो-टू-मार्केट रणनीति को भी मजबूत करना चाहता है। फंड का एक हिस्सा ऑपरेशनल एफिशियेंसी सुधारने में भी लगाया जाएगा।
CURAPOD की स्थापना 2022 में श्री वेलिय्युर और सूर्य मागुलुरी ने की थी। यह स्टार्टअप मस्कुलोस्केलेटल (हड्डियों और मांसपेशियों) से जुड़ी समस्याओं के लिए पहनने योग्य, नॉन-इनवेसिव दर्द प्रबंधन उपकरण विकसित करता है। इसका प्रमुख डिवाइस फोटोबायोमॉडुलेशन थैरेपी का इस्तेमाल करता है और कमर, गर्दन, घुटने का दर्द, जोड़ की समस्याएं, मांसपेशियों की कड़कता और खेल संबंधित चोटों को मैनेज करने में मदद करता है।
यह डिवाइस FDA-रजिस्टर्ड है और 30 से अधिक मस्कुलोस्केलेटल कंडीशन्स के इलाज के लिए सपोर्ट करता है, जिससे यह दवाओं का विकल्प पेश करता है।
स्टार्टअप क्लिनिशियन-लीडेड मॉडल अपनाता है और पूरे भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। CURAPOD के सभी डिवाइस देश में पूरी तरह डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर किए जाते हैं और यह मेडिकल-ग्रेड लाइट थैरेपी तकनीक पर आधारित हैं, जिसे मल्टीसेंटर क्लिनिकल ट्रायल्स के जरिए वैलिडेट किया गया है।
इसके वर्तमान उत्पाद के अलावा, स्टार्टअप लाइट-थैरेपी आधारित अन्य समाधान भी विकसित कर रहा है, जो दर्द प्रबंधन और संबंधित थैरेप्यूटिक क्षेत्रों पर केंद्रित हैं, साथ ही क्लिनिकल रिसर्च और वैश्विक विस्तार में निवेश जारी रखे हुए है।