IIM नागपुर का पुणे में बनेगा नया परिसर, छात्रों को मिलेगा विश्वस्तरीय मैनेजमेंट शिक्षा का अवसर

IIM नागपुर का पुणे में बनेगा नया परिसर, छात्रों को मिलेगा विश्वस्तरीय मैनेजमेंट शिक्षा का अवसर

IIM नागपुर का पुणे में बनेगा नया परिसर, छात्रों को मिलेगा विश्वस्तरीय मैनेजमेंट शिक्षा का अवसर
70 एकड़ में विकसित होगा आधुनिक कैंपस; AI, कार्यकारी शिक्षा, उद्योग 4.0 और वैश्विक साझेदारियों के साथ अगले पांच वर्षों में शीर्ष 100 बिजनेस स्कूलों में शामिल होने का लक्ष्य


उच्च प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में अपनी राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) नागपुर ने अगले पांच वर्षों के लिए महत्वाकांक्षी विस्तार योजना की घोषणा की है। संस्थान का लक्ष्य न केवल देश में अपनी शैक्षणिक पहुंच बढ़ाना है, बल्कि दुनिया के शीर्ष 100 बिजनेस स्कूलों और एशिया के शीर्ष 10 बिजनेस स्कूलों में स्थान बनाना भी है। इसी रणनीति के तहत महाराष्ट्र सरकार ने पुणे जिले के मोशी क्षेत्र में संस्थान के नए पूर्ण विकसित परिसर के लिए 70 एकड़ भूमि आवंटित की है, जिसे केवल एक रुपये के प्रतीकात्मक पट्टे पर उपलब्ध कराया गया है।

पुणे में बनेगा अत्याधुनिक मैनेजमेंट कैंपस

IIM नागपुर के निदेशक प्रो. भीमराया मेट्री (Prof. Bhimaraya Metri) ने बताया कि प्रस्तावित पुणे परिसर संस्थान के बहु-परिसर (Multi-Campus) मॉडल की पहली बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक एक्सटेंशन सेंटर नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह विकसित शैक्षणिक परिसर होगा। इसके निर्माण के बाद IIM नागपुर देश का ऐसा संस्थान बन जाएगा, जिसके पास दो पूर्ण विकसित कैंपस होंगे।

उन्होंने महाराष्ट्र सरकार, मुख्यमंत्री और रेवेन्यू विभाग का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस भूमि का बाजार मूल्य लगभग 180 करोड़ रुपये है, लेकिन इसे संस्थान को शिक्षा के विकास के उद्देश्य से नाममात्र के एक रुपये के पट्टे पर दिया गया है।

अगले पांच वर्षों के लिए तैयार किया रणनीतिक रोडमैप

IIM नागपुर ने 2026-2031 के लिए अपना नया रणनीतिक रोडमैप भी प्रस्तुत किया है। इस योजना के तहत संस्थान को एक विश्वस्तरीय, बहु-परिसर और वैश्विक स्तर पर सम्मानित बिजनेस स्कूल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोडमैप में कार्यकारी शिक्षा (Executive Education), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), भारत-केंद्रित अनुसंधान, ऊर्जा एवं जलवायु नेतृत्व, उद्यमिता (Entrepreneurship), नवाचार और क्षेत्रीय विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना है।

AI और उद्योग आधारित शिक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

संस्थान आने वाले वर्षों में AI आधारित मैनेजमेंट शिक्षा को बढ़ावा देगा। इसके लिए AI-इंटीग्रेटेड शिक्षण पद्धति, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नए कार्यक्रम तथा MARVEL AI Research & Development Centre के माध्यम से छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके साथ ही संस्थान उद्योग की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे पाठ्यक्रम विकसित करेगा, जो छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों से जोड़ें और उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करें।

पुणे परिसर में होंगे नए और आधुनिक पाठ्यक्रम

प्रस्तावित पुणे परिसर में विनिर्माण (Manufacturing), Industry 4.0, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी मैनेजमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों पर आधारित विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

संस्थान यहां इंटीग्रेटेड BBA-MBA कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा प्रमुख IIT संस्थानों के सहयोग से पांच वर्षीय B.Tech-MBA कार्यक्रम शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे प्रबंधक तैयार करना है, जो तकनीक और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की गहरी समझ रखते हों।

वैश्विक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय पहचान पर जोर

IIM नागपुर वर्तमान में फ्रांस के यूनिवर्सिटी ऑफ लिले के साथ शैक्षणिक सहयोग कर रहा है। संस्थान ने अगले पांच वर्षों में 20 अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं इन सहयोगों के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान, फैकल्टी एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम, सीमाहीन शिक्षा (Borderless Education) और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। संस्थान गोवा में भी विस्तार की संभावनाओं पर कार्य कर रहा है।

कार्यकारी शिक्षा में देश के शीर्ष तीन संस्थानों में शामिल होने का लक्ष्य

IIM नागपुर ने कार्यकारी शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। संस्थान भारत के शीर्ष तीन Executive Education संस्थानों में शामिल होना चाहता है। इसके लिए उद्योग आधारित, लचीले और आजीवन सीखने (Lifelong Learning) पर आधारित कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे, ताकि कार्यरत पेशेवर भी नई तकनीकों और प्रबंधन कौशल से स्वयं को लगातार अपडेट कर सकें।

ऊर्जा, जलवायु और सतत विकास पर भी होगा फोकस

संस्थान केवल प्रबंधन शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर भी विशेष कार्य करेगा।

इसके तहत नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NPTI) के सहयोग से ऊर्जा प्रबंधन में Executive MBA कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। साथ ही ONGC Green Limited तथा NRDC के साथ मिलकर ताप प्रतिरोध (Heat Resilience) और सतत शीतलन (Sustainable Cooling) से जुड़े उत्कृष्टता केंद्र विकसित करने की योजना है। इसके अलावा संस्थान अपने नेट-जीरो विजन, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और हरित परिसर (Green Campus) के विकास को भी आगे बढ़ाएगा।

'विकसित भारत 2047' में योगदान देगा संस्थान

प्रो. भीमराया मेट्री ने कहा कि IIM नागपुर की जिम्मेदारी केवल छात्रों को डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है। संस्थान का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता, सार्वजनिक नीति, स्वच्छ ऊर्जा, क्षेत्रीय विकास और नवाचार को बढ़ावा देकर 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में सक्रिय योगदान देना है।

उन्होंने कहा कि पुणे परिसर संस्थान के लिए केवल एक नया कैंपस नहीं होगा, बल्कि प्रबंधन शिक्षा को नई दिशा देने वाला केंद्र बनेगा, जहां तकनीक, उद्योग और नेतृत्व को एक साथ जोड़कर भविष्य के ऐसे प्रबंधक तैयार किए जाएंगे, जो वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।

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