ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्टार्टअप रोडग्रिड (RoadGrid) ने प्री-सीरीज़ A फंडिंग राउंड में 12 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस निवेश राउंड का नेतृत्व इंफ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स (Inflection Point Ventures) ने किया, जिसमें वेंचर कैटलिस्ट्स, स्काईलाइन ग्रुप के कमल पुरी, FAAD नेटवर्क, लेट्सवेंचर, पेस ग्रुप की वृंदा गोयल, अर्थनॉमिक्स के हरेश पटेल और अल्फा वैल्यू के मनीष श्रीवास्तव जैसे एंजेल और रणनीतिक निवेशकों ने भाग लिया।
यह फंडिंग रोडग्रिड के उस लक्ष्य की दिशा में एक अहम उपलब्धि है, जिसके तहत कंपनी भारत का सबसे बड़ा और सुलभ इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है।
रोडग्रिड दो तेजी से बढ़ते सेगमेंट्स में काम करती है। पहला, ईवी चार्जर्स का निर्माण और OEMs को बिक्री, जिसमें टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर के लिए ऑफबोर्ड और फास्ट DC चार्जिंग समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा किया जाता है। दूसरा, सार्वजनिक और कमर्शियल चार्जिंग स्टेशनों का संचालन, जहां 2030 तक देश में लगभग 30 लाख चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत होगी, जबकि फिलहाल करीब 8,000 स्टेशन ही स्थापित हैं।
कंपनी का बिजनेस मॉडल ‘चार्जिंग ऐज़ ए सर्विस’ (CaaS) और सीधे OEM बिक्री का संयोजन है। रोडग्रिड वर्तमान में इंदौर, नोएडा और IOCL के साथ चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना और संचालन कर रही है। इसके अलावा, कंपनी के पास BSES, NPCL और नवी मुंबई ट्रांसपोर्ट जैसी यूटिलिटीज से मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसके तहत 1,000 से अधिक चार्जर्स की कन्फर्म्ड पाइपलाइन मौजूद है।
इसके साथ ही, रोडग्रिड ने विनफ़ास्ट (VinFast) की सहयोगी कंपनी V-Green के साथ HPCL रिटेल आउटलेट्स पर ईवी चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने के लिए साझेदारी की है। टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में रोडग्रिड भारत में विनफ़ास्ट के आफ्टरसेल्स ईवी नेटवर्क को भी सपोर्ट कर रही है।
अब तक कंपनी मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में IOCL, अमेज़न, BSES और NPCL जैसे प्रमुख क्लाइंट्स के लिए 100 से अधिक चार्जर इंस्टॉलेशन कर चुकी है। भारत का EV चार्जिंग बाजार वर्तमान में लगभग ₹5,000 करोड़ का आंका गया है, जिसके अगले छह वर्षों में बढ़कर ₹50,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
रोडग्रिड की फाउंडिंग टीम को ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और ऑपरेशंस का गहरा अनुभव है। संस्थापक एवं सीईओ दीपेश श्रीनाथ ने कहा, “रोडग्रिड का लक्ष्य भारत में सहज, टिकाऊ और सुलभ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को संभव बनाना है। हम ऐसा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं जो हर वाहन श्रेणी और वास्तविक उपयोग परिस्थितियों में काम कर सके। निवेशकों के सहयोग से हम राष्ट्रीय स्तर पर ईवी अपनाने को समर्थन देने वाला मजबूत आधार तैयार करेंगे।”
इंफ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स के को-फाउंडर मितेश शाह ने कहा कि भारत में EV अपनाने की सबसे बड़ी चुनौती इरादा नहीं बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है, और रोडग्रिड इस अंतर को चार्जर मैन्युफैक्चरिंग से लेकर ऑन-ग्राउंड ऑपरेशंस तक प्रभावी ढंग से पाटने की क्षमता रखती है।