बच्चों के शुरुआती विकास के लिए टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर Maasi का फोकस, जुटाए ₹6 करोड़

बच्चों के शुरुआती विकास के लिए टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर Maasi का फोकस, जुटाए ₹6 करोड़

बच्चों के शुरुआती विकास के लिए टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर Maasi का फोकस, जुटाए ₹6 करोड़
बेंगलुरु में स्थित चाइल्डकेयर स्टार्टअप Maasi ने बेटर कैपिटल और एंटलर इंडिया की अगुवाई में प्री-सीड फंडिंग जुटाई है। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल केयरगिवर नेटवर्क बढ़ाने, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को मजबूत करने में करेगी।


बेंगलुरु में स्थित चाइल्डकेयर स्टार्टअप Maasi ने प्री-सीड फंडिंग राउंड में ₹6 करोड़ जुटाए हैं। इस राउंड की अगुवाई Better Capital और Antler India ने की। इसमें Rapido के ऋषिकेश एसआर, Shadowfax के वैभव खंडेलवाल, Xoxoday के सुमित खंडेलवाल, Crane VC के सिद्धांत गोयल और Multiply Ventures के संजय रामकृष्णन सहित कई एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया।

कंपनी के अनुसार, 20 अक्टूबर को सार्वजनिक रूप से लॉन्च होने के बाद उसे शुरुआती स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। पांच दिनों के भीतर 4,000 से अधिक लोगों ने वेटलिस्ट में रजिस्ट्रेशन कराया। अब तक कंपनी 500 से अधिक केयरगिवर्स के नेटवर्क के जरिए 1,200 से ज्यादा अभिभावकों को सेवाएं दे चुकी है। कंपनी का दावा है कि उसका कारोबार हर सप्ताह 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है।

बच्चों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित केयरगिवर्स पर जोर

मासी का उद्देश्य अभिभावकों के सामने आने वाली बच्चों की भरोसेमंद देखभाल से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है। भारत में कई परिवार बच्चों की देखभाल के लिए परिचितों की सिफारिश या अनौपचारिक संपर्कों पर निर्भर रहते हैं। ऐसी व्यवस्थाओं में केयरगिवर्स की ट्रेनिंग, जवाबदेही और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की कमी जैसी चुनौतियां सामने आती हैं।

कंपनी प्रति घंटे ₹199 से शुरू होने वाली ऑन-डिमांड नैनी सेवाएं देती है। इसके अलावा, ₹5,999 से शुरू होने वाले मासिक सब्सक्रिप्शन प्लान भी उपलब्ध हैं। परिवारों से जुड़ने से पहले सभी केयरगिवर्स का वेरिफिकेशन किया जाता है और उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का नेतृत्व प्री-स्कूल डायरेक्टर्स, नर्सों और एयरलाइन केबिन क्रू ट्रेनिंग का पूर्व अनुभव रखने वाले प्रशिक्षक करते हैं। कंपनी का उद्देश्य बच्चों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित लोगों का ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जिस पर अभिभावक भरोसा कर सकें।

बच्चों के शुरुआती विकास और स्क्रीन-फ्री गतिविधियों पर ध्यान

मासी ने हाल ही में Maasi Governess नाम से एक नई सेवा भी शुरू की है। इसके तहत अंग्रेजी बोलने वाली नैनी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिन्हें बच्चों के साथ बिना स्क्रीन के गतिविधियां कराने और उनकी देखभाल करने की ट्रेनिंग दी जाती है।

कंपनी की यह पहल ऐसे समय में आई है, जब अभिभावक बच्चों की देखभाल के साथ-साथ उनकी शुरुआती सीखने की प्रक्रिया और विकास पर भी ध्यान दे रहे हैं। स्क्रीन-फ्री गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को खेल, बातचीत और अन्य व्यावहारिक गतिविधियों में शामिल करने पर जोर दिया जाता है।

अभिभावकों की जरूरत से शुरू हुआ स्टार्टअप

मासी की शुरुआत Urban Parents Club से हुई, जो बेंगलुरु में 8,000 से अधिक अभिभावकों का एक समुदाय है। इसके संस्थापक आशु, गर्गी और रेशोव ने इस समुदाय से जुड़े परिवारों के बीच बच्चों की भरोसेमंद देखभाल की समस्या को बार-बार सामने आते देखा। इसके बाद उन्होंने भरोसे और जवाबदेही पर आधारित चाइल्डकेयर सेवा विकसित करने का फैसला किया।

Better Capital के फाउंडर वैभव डोमकुंडवार ने कहा, "लाखों भारतीय अभिभावकों के लिए भरोसेमंद चाइल्डकेयर की व्यवस्था करना अब भी एक चुनौती है। हमें खुशी है कि हम आशु, गर्गी और रेशोव का समर्थन कर रहे हैं, जो बच्चों की देखभाल के क्षेत्र में भरोसे और जवाबदेही को मजबूत करने के साथ भारत में चाइल्डकेयर के लिए नए मानक स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।"

Antler India के पार्टनर राजीव श्रीवत्स ने कहा कि केयरगिवर्स के लिए उच्च मानक बनाए रखने पर कंपनी का ध्यान निवेश के प्रमुख कारणों में से एक रहा है।

फंड का इस्तेमाल ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी विस्तार में होगा

मासी जुटाई गई राशि का इस्तेमाल केयरगिवर्स की भर्ती बढ़ाने, उनकी ट्रेनिंग को मजबूत करने, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म विकसित करने और बेंगलुरु में अपनी टीम का विस्तार करने के लिए करेगी। कंपनी की योजना अपने सेवा नेटवर्क को बढ़ाने के साथ बच्चों की देखभाल की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाने की है। नए निवेश से उसे अधिक परिवारों तक पहुंचने और केयरगिवर्स की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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