AI पर फोकस के बीच Microsoft का बड़ा कदम, करीब 60,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर

AI पर फोकस के बीच Microsoft का बड़ा कदम, करीब 60,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर

AI पर फोकस के बीच Microsoft का बड़ा कदम, करीब 60,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर
Microsoft ने कनाडा, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका में अपनी टीमों के करीब 60,000 कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर (VEO) पेश किया है।


इस कदम को AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लागत घटाने और कारोबारी ढांचे में बदलाव करने की टेक इंडस्ट्री की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Microsoft के कुल कर्मचारियों में से करीब 27% इस ऑफर के लिए पात्र हैं और पात्र कर्मचारियों में से लगभग 30% ने इसे स्वीकार करने का विकल्प चुना है। कंपनी की नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, जून तिमाही के अंत तक Microsoft में दुनियाभर में 2,23,000 कर्मचारी थे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 2,28,000 थी।

Microsoft का कहना है कि VEO उन कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प देता है, जो अपने करियर के अगले चरण के लिए कंपनी से बाहर अवसर तलाशने पर विचार कर रहे हैं।

कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा, “स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर इस बात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है कि हम बदलाव के प्रति अपने दृष्टिकोण को कैसे विकसित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य अधिक लचीलापन देना और जहां संभव हो, कर्मचारियों को अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेने के अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है। यह इस साल की शुरुआत में शुरू किए गए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम से मिली सीख पर आधारित है।”

Microsoft ने आगे कहा, “यह स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर हमारे लिए नया है और हम इससे सीखेंगे। साथ ही, हम कर्मचारियों को महत्वपूर्ण काम पर ध्यान केंद्रित करने, नए कौशल सीखने और जहां उचित हो, Microsoft के भीतर नए अवसर तलाशने में मदद करते रहेंगे। हर टीम और कर्मचारी के लिए एक जैसा तरीका काम नहीं करता। हम कारोबार की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने कर्मचारियों को आगे बढ़ने और योगदान देने के अवसर देने की कोशिश कर रहे हैं।”

Microsoft पहले भी कर चुका है कर्मचारियों की संख्या में कटौती

Microsoft पिछले कुछ समय से लागत कम करने के लिए कदम उठा रहा है। जुलाई में कंपनी ने करीब 4,800 पद खत्म किए थे, जो उस समय उसके वैश्विक कार्यबल का लगभग 2.1% था। कंपनी ने तब कहा था कि यह फैसला बदलती कारोबारी परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने के लिए लिया गया है। हालांकि, उसने स्पष्ट किया था कि ये छंटनियां सीधे तौर पर AI की वजह से नहीं की गई थीं।

उस समय कंपनी ने कहा था, “टेक्नोलॉजी को विकसित करने, लागू करने और इस्तेमाल करने का तरीका मेरे यहां काम करने के पूरे समय में किसी भी अन्य दौर की तुलना में तेजी से बदल रहा है। हमारे ग्राहकों की जरूरतें बदल रही हैं, उन्हें सेवाएं देने वाले कारोबारी मॉडल बदल रहे हैं और इसी वजह से हमारे काम करने के तरीके, प्राथमिकताओं और संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव जरूरी है।”

कंपनी ने आगे कहा था कि कंपनियां यह तय नहीं कर सकतीं कि उनका उद्योग बदलेगा या नहीं, लेकिन वे यह तय कर सकती हैं कि उस बदलाव के साथ खुद को कैसे ढालें। इसके लिए संसाधनों और भूमिकाओं में बदलाव करना तथा काम करने के तरीकों को बेहतर बनाना जरूरी हो सकता है।

AI में निवेश के बीच टेक कंपनियां घटा रहीं लागत

दुनियाभर की पारंपरिक टेक कंपनियां AI में बड़े निवेश जारी रखते हुए अपनी लागत कम करने और कर्मचारियों की संख्या में बदलाव करने पर ध्यान दे रही हैं। इस साल की शुरुआत में Oracle ने दुनियाभर में करीब 30,000 पदों में कटौती की थी। इसके अलावा PayPal, Electronic Arts (EA), Ubisoft, HubSpot, Workday और Qualcomm जैसी कंपनियों ने भी इस साल कर्मचारियों की संख्या घटाई है।

भारत में भी IT सेक्टर में भर्ती की रफ्तार धीमी हुई है। पिछले साल Tata Consultancy Services (TCS) ने अपने वैश्विक कार्यबल में 2% की कटौती करने की योजना की घोषणा की थी, जिससे करीब 20,000 पद प्रभावित होने की संभावना थी। अत: इन घटनाक्रमों के बीच Microsoft का स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर यह दिखाता है कि टेक कंपनियां बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुसार अपने कार्यबल और संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से व्यवस्थित करने के विकल्प अपना रही हैं।


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