भारत-यूके CETA के तहत मुंबई से ब्रिटेन के लिए पहली ज्वेलरी खेप रवाना, 1 करोड़ डॉलर के ऐतिहासिक निर्यात अभियान में शामिल

भारत-यूके CETA के तहत मुंबई से ब्रिटेन के लिए पहली ज्वेलरी खेप रवाना, 1 करोड़ डॉलर के ऐतिहासिक निर्यात अभियान में शामिल

भारत-यूके CETA के तहत मुंबई से ब्रिटेन के लिए पहली ज्वेलरी खेप रवाना, 1 करोड़ डॉलर के ऐतिहासिक निर्यात अभियान में शामिल
भारत की वित्तीय राजधानी और देश के प्रमुख रत्न एवं आभूषण (जेम्स एंड ज्वेलरी) निर्यात केंद्र मुंबई से भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (India-UK CETA) के तहत पहली ज्वेलरी निर्यात खेप को रवाना किया गया।


यह भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है : 

मुंबई में आयोजित यह फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम देशभर में चल रहे उस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत दिल्ली, सूरत, जयपुर, चेन्नई और कोलकाता से भी ब्रिटेन के लिए पहली ज्वेलरी खेप भेजी गई। इन सभी शहरों से कुल 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर (US$10 Million) मूल्य की ज्वेलरी निर्यात की गई।

मुंबई में यह कार्यक्रम दो प्रमुख निर्यात केंद्रों-भारत डायमंड बोर्स (Bharat Diamond Bourse - BDB) और SEEPZ विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEEPZ-SEZ) में आयोजित किया गया। यह दोनों केंद्र भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत डायमंड बोर्स में आयोजित कार्यक्रम में मुंबई के सीमा शुल्क आयुक्त (Commissioner of Customs) संतोष कुमार, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के उप महानिदेशक विश्वजीत चिमणकर तथा जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के उपाध्यक्ष शौनक पारिख उपस्थित रहे। इस दौरान Malabar Gold & Diamonds, Shree Ramkrishna Exports और Venkatesh Jewellers सहित कई प्रमुख निर्यातकों ने भाग लिया।

वहीं SEEPZ-SEZ में आयोजित कार्यक्रम में विकास आयुक्त ज्ञानेश्वर पाटिल, संयुक्त विकास आयुक्त मयूर आर. मंकर, GJEPC के भारत घोरी, SEEMA के उपाध्यक्ष विजय गुजराती और SGJMA के अध्यक्ष आदिल कोटवाल मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में Kama Jewellery, Suashish Diamonds, Goldstar Jewellery, Supergems Jewellery, Zenstar Jewellery सहित कई प्रमुख निर्यातक कंपनियों ने हिस्सा लिया।

ब्रिटेन में भारतीय ज्वेलरी को मिलेगा ड्यूटी-फ्री प्रवेश

भारत-यूके CETA लागू होने के साथ ही भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग को ब्रिटेन के बाजार में बड़ा लाभ मिलेगा। समझौते के तहत भारतीय आभूषणों पर लगने वाला 4 प्रतिशत तक का आयात शुल्क (Import Duty) पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और भारतीय निर्यातकों को पहले दिन से ही शून्य शुल्क (Zero Duty) के साथ ब्रिटेन के बाजार में प्रवेश मिलेगा।

इससे भारतीय कंपनियों को 4 अरब अमेरिकी डॉलर (US$4 Billion) के ब्रिटिश ज्वेलरी आयात बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। उद्योग को उम्मीद है कि इससे निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

निर्यातकों के लिए आसान होगी व्यापार प्रक्रिया

मुंबई के सीमा शुल्क आयुक्त संतोष कुमार ने कहा कि भारत-यूके CETA भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर लेकर आया है। इससे ब्रिटेन के बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क विभाग तेज क्लीयरेंस, कम समय में माल निकासी और सरल व्यापार सुविधा उपलब्ध कराकर निर्यातकों को इस समझौते का पूरा लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ब्रिटेन को निर्यात दोगुना होने की उम्मीद

SEEPZ के विकास आयुक्त ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन में भारतीय ज्वेलरी पर 4 प्रतिशत आयात शुल्क समाप्त होने से भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत से ब्रिटेन को लगभग 3,000 करोड़ रुपये मूल्य के जेम्स एंड ज्वेलरी उत्पाद निर्यात किए जाते हैं, जो आने वाले वर्षों में बढ़कर करीब 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकते हैं। इससे उत्पादन, निर्यात और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

तीन वर्षों में 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है निर्यात

GJEPC के अध्यक्ष किरिट भंसाली ने कहा कि भारत-यूके CETA भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का इस ऐतिहासिक समझौते के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत का ब्रिटेन को जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात लगभग 754 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो अगले तीन वर्षों में बढ़कर करीब 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। इससे निर्यातकों, MSMEs, कारीगरों, डिजाइनरों और विनिर्माण क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।

मुंबई रहेगा निर्यात वृद्धि का प्रमुख केंद्र

GJEPC के उपाध्यक्ष शौनक पारिख ने कहा कि मुंबई लंबे समय से भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात का प्रमुख केंद्र रहा है। भारत डायमंड बोर्स, SEEPZ और यहां मौजूद विश्वस्तरीय निर्यात अवसंरचना ने मुंबई को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत-यूके CETA के तहत मिलने वाली शून्य शुल्क (Zero Duty) सुविधा भारतीय निर्यातकों को बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगी। इससे निर्यात बढ़ेगा, निवेश आएगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारत वैश्विक ज्वेलरी सोर्सिंग हब के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

महाराष्ट्र के जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूके CETA से महाराष्ट्र के जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग को विशेष लाभ मिलेगा। बेहतर बाजार पहुंच, वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार सृजन, कौशल विकास और MSMEs की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

मुंबई का मजबूत डायमंड ट्रेडिंग, ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क भारत के निर्यात विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ब्रिटेन के लिए पहली ड्यूटी-फ्री ज्वेलरी खेप का रवाना होना इस बात का संकेत है कि भारतीय ज्वेलरी उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए तैयार है।

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