इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (IIMB) के स्टार्टअप हब NSRCEL और मारुति सुज़ुकी इंडिया ने मोबिलिटी स्टार्टअप्स के लिए अपने इनक्यूबेशन प्रोग्राम के सातवें कोहोर्ट की शुरुआत की है। छह महीने का यह प्रोग्राम शुरुआती रेवेन्यू से लेकर स्केल-अप स्टेज तक के स्टार्टअप्स के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को अपनी तकनीक और सॉल्यूशंस को विकसित करने और वास्तविक परिस्थितियों में टेस्ट करने में मदद करना है।
इस प्रोग्राम में व्हीकल टेक्नोलॉजी, क्लीनटेक, मोबिलिटी और मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, Industry 4.0 और 5.0 आधारित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को शामिल किया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स भी शामिल हैं।
चुने गए स्टार्टअप्स को NSRCEL की ओर से इनक्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें Maruti Suzuki के साथ पेड पायलट प्रोजेक्ट्स के अवसर, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से जरूरत के अनुसार मेंटरिंग और इंडस्ट्री व इकोसिस्टम कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। विजेताओं को Maruti Suzuki की कार, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम और प्राइज मनी के लिए भी पात्रता मिलेगी।
यह प्रोग्राम खास तौर पर उन स्टार्टअप्स के लिए तैयार किया गया है जो ऑटोमोटिव ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के साथ काम करना चाहते हैं और अपनी तकनीक को वास्तविक परिस्थितियों में प्रदर्शित करना चाहते हैं। NSRCEL-Maruti Suzuki के मौजूदा इकोसिस्टम में AI, मैन्युफैक्चरिंग, एक्सेसिबिलिटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स शामिल हैं।
एनएसआरसीईएल की सीईओ रसिका प्रशांत ने कहा कि सातवां कोहोर्ट स्टार्टअप्स को मोबिलिटी इंडस्ट्री के साथ जुड़ने और वास्तविक उपयोग के लिए अपने सॉल्यूशंस विकसित करने के अवसर देगा। इस सहयोग के जरिए उद्यमियों, डोमेन एक्सपर्ट्स, कॉरपोरेट्स, निवेशकों और इकोसिस्टम पार्टनर्स को एक साथ लाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।