रेनॉल्ट इंडिया (Renault India 2027) के अंत तक देश में अपने रिटेल नेटवर्क को बढ़ाकर करीब 500 शोरूम करने की योजना बना रही है। कंपनी के मौजूदा नेटवर्क में 350 से ज्यादा शोरूम हैं और इस साल अब तक 50-60 नए टचपॉइंट्स, जिसमें शोरूम और वर्कशॉप शामिल हैं, जोड़े जा चुके हैं। रेनॉल्ट इंडिया (Renault India) के वाइस प्रेसिडेंट, सेल्स एंड मार्केटिंग, Francisco Marques ने बताया कि नए प्रोडक्ट्स के लॉन्च के साथ नेटवर्क का विस्तार जारी रहेगा।
रेनॉल्ट इंडिया (Renault India) अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को सात मॉडल्स तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है। फिलहाल कंपनी भारत में Kwid, Kiger, Triber और Duster बेचती है। आने वाले नए मॉडल्स में एक 7-सीटर SUV, Bridger कॉन्सेप्ट पर आधारित सब-4-मीटर SUV और एक अन्य मॉडल शामिल होगा, जिसकी जानकारी कंपनी ने अभी साझा नहीं की है।
कंपनी का रिटेल विस्तार केवल नए आउटलेट्स जोड़ने तक सीमित नहीं होगा। बढ़ती रेंटल लागत को देखते हुए Renault बड़े शहरों में छोटे शोरूम फॉर्मेट पर भी विचार कर रही है। इन शोरूम्स में डिजिटल डिस्प्ले के जरिए कंपनी अपने ज्यादा मॉडल्स को ग्राहकों के सामने पेश करेगी।
फ़्रांसिस्को मार्केस (Francisco Marques) के अनुसार, भविष्य में ज्यादा सेल्स पॉइंट्स बनाने के बजाय सही जगह पर बेहतर क्वालिटी वाले आउटलेट्स पर ध्यान दिया जाएगा। कंपनी अलग-अलग ग्राहक वर्गों और बढ़ते प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के अनुसार अपनी रिटेल रणनीति में बदलाव करेगी।
ऑटोमोबाइल खरीदने से पहले ग्राहक अब ऑनलाइन ज्यादा रिसर्च कर रहे हैं। ऐसे में Renault के अनुसार, डीलरशिप पर आने वाले ग्राहकों का फोकस कीमत, टेस्ट ड्राइव और वाहन के अनुभव पर ज्यादा रहेगा। कंपनी इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपने शोरूम फॉर्मेट को अपडेट कर रही है।
रेनॉल्ट इंडिया भारत में अपने पोर्टफोलियो के विस्तार के साथ E-Tech स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर भी जोर दे रही है। कंपनी का मानना है कि डीजल वाहनों की मांग में कमी और इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़े पैमाने पर अपनाए जाने में लगने वाले समय के बीच हाइब्रिड टेक्नोलॉजी आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रेनॉल्ट इंडिया भारत में अपनी E-Tech हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को लोकलाइज करने की योजना बना रही है। कंपनी इस टेक्नोलॉजी के जरिए उन ग्राहकों को लक्षित करना चाहती है, जो पारंपरिक रूप से डीजल वाहनों पर विचार करते हैं। कंपनी ने भारत में डीजल से सीधे हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ने की रणनीति अपनाई है।