IRDAI के नए नियमों से PB Fintech और Turtlemint को ₹35,705 करोड़ का नुकसान

IRDAI के नए नियमों से PB Fintech और Turtlemint को ₹35,705 करोड़ का नुकसान

IRDAI के नए नियमों से PB Fintech और Turtlemint को ₹35,705 करोड़ का नुकसान
IRDAI की प्रस्तावित नई इंश्योरेंस कमीशन सीमाओं के बाद PB Fintech और Turtlemint की संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन में 35,705 करोड़ रुपये की गिरावट आई है।


इंश्योरटेक कंपनियों PB Fintech और Turtlemint की संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगातार तीन ट्रेडिंग सेशंस में 35,705 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है। निवेशकों ने IRDAI द्वारा इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन के इकोनॉमिक्स में प्रस्तावित बदलावों पर प्रतिक्रिया दी है।

PB Fintech का स्टॉक 1.17% गिरकर 1,151.90 रुपये पर बंद हुआ। बुधवार से कंपनी की मार्केट कैप में 34,155.78 करोड़ रुपये की कमी आई है। वहीं, Turtlemint का स्टॉक 4.07% गिरकर 83.75 रुपये पर बंद हुआ और इसी अवधि में कंपनी की मार्केट कैप में 1,548.96 करोड़ रुपये की गिरावट आई है।

इस बिकवाली की शुरुआत IRDAI के कंसल्टेशन पेपर “Recalibrating Economics of Insurance Distribution” के बाद हुई। यह पेपर बुधवार को मार्केट बंद होने के बाद जारी किया गया था। इसमें इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के स्तर पर कमीशन की सीमाएं दोबारा लागू करने का प्रस्ताव है। करीब तीन साल पहले रेगुलेटर ने एक्सपेंस-ऑफ-मैनेजमेंट फ्रेमवर्क के तहत ऐसी सीमाएं हटा दी थीं। IRDAI का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य मिस-सेलिंग को रोकना और ग्राहकों के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट को कम करना है। हालांकि, इससे इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर्स की कमीशन इनकम पर दबाव पड़ सकता है, जो उनके रेवेन्यू और कस्टमर एक्विजिशन का एक प्रमुख जरिया है।

प्रस्तावित कमीशन सीमा से इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर्स पर असर

प्रस्तावित फ्रेमवर्क में प्रोडक्ट, डिस्ट्रीब्यूशन चैनल और सेल्स एफर्ट के आधार पर अलग-अलग कमीशन सीलिंग तय करने की बात कही गई है। ओपन-आर्किटेक्चर एंटिटीज, जिनमें Turtlemint की ब्रोकिंग आर्म और PolicyBazaar जैसे इंश्योरेंस ब्रोकर्स शामिल हैं, को-इंडिविजुअल एजेंट्स की तुलना में कम कमीशन सीमा का सामना करना पड़ सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस के लिए IRDAI ने नए इंडिविजुअल पॉलिसीज पर डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज के लिए 15% और रिन्यूअल पर 5% कमीशन सीलिंग का प्रस्ताव दिया है, जबकि एजेंट्स के लिए यह सीमा क्रमशः 20% और 10% है। मोटर इंश्योरेंस में नए वाहनों पर थर्ड-पार्टी कवर बेचने वाली एंटिटीज के लिए जीरो कमीशन का प्रस्ताव है, जबकि ओन-डैमेज, पर्सनल एक्सीडेंट और लीगल लाइबिलिटी कवर पर 5% की सीमा हो सकती है।

Jefferies ने प्रस्तावित कटौती को दोनों कंपनियों के लिए एक जोखिम बताया है। उसके अनुमान के मुताबिक, नए बिजनेस की कमीशन दरों में 10% की कमी से कमाई में 10-12% की गिरावट आ सकती है। PB Fintech के को-फाउंडर Yashish Dahiya ने इन्वेस्टर कॉल में कहा कि कंपनी इंश्योरेंस मैन्युफैक्चरिंग के विकल्प पर विचार कर सकती है, लेकिन इस पर फैसला लेने से पहले अधिक रेगुलेटरी क्लैरिटी का इंतजार करेगी। अत: IRDAI ने स्टेकहोल्डर्स से 25 अक्टूबर तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद वह नए फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देगा।

Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities