भारत की प्रमुख टेक्नोलॉजी-सक्षम एजुकेशन कंपनी फिजिक्सवाला लिमिटेड (PhysicsWallah) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 24.4% बढ़कर ₹1,054 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹847.1 करोड़ था। कंपनी के अनुसार, यह उसकी अब तक की सबसे मजबूत पहली तिमाही रही।
कंपनी ने इस तिमाही में ₹52 करोड़ का EBITDA दर्ज किया और EBITDA पॉजिटिव रही। EBITDA मार्जिन 4.9% रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹21 करोड़ का EBITDA घाटा दर्ज किया था और मार्जिन -2.5% था। हालांकि, मार्च 2026 की पिछली तिमाही के ₹65 करोड़ EBITDA की तुलना में जून तिमाही में EBITDA क्रमिक आधार पर कम रहा।
कुल आय ₹1,162.8 करोड़, नेट लॉस में 30.5% की कमी
फिजिक्सवाला की पहली तिमाही में कुल आय ₹1,162.8 करोड़ रही। इस दौरान कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर 18% बढ़कर ₹1,247 करोड़ हो गया। कंपनी का नेट लॉस सालाना आधार पर 30.5% घटकर ₹88.3 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹127 करोड़ था।
हालांकि, क्रमिक आधार पर नेट लॉस बढ़ा है। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का नेट लॉस ₹69.1 करोड़ था, जो जून तिमाही में बढ़कर ₹88.3 करोड़ हो गया।
कंपनी का एडजस्टेड EBITDA सालाना आधार पर पांच गुना से अधिक बढ़कर ₹135 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹26 करोड़ था। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी 3.1% से बढ़कर 12.9% हो गया। इसमें शेयर-बेस्ड पेमेंट और कुछ असाधारण मदों को अलग रखा जाता है।
ऑनलाइन कारोबार बना ग्रोथ का प्रमुख आधार
फिजिक्सवाला के ऑनलाइन कारोबार ने तिमाही के दौरान मजबूत प्रदर्शन किया। ऑनलाइन सेगमेंट का राजस्व सालाना आधार पर 33% बढ़कर ₹549 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹412 करोड़ था। ऑनलाइन कारोबार में यूनिक ट्रांजैक्टिंग यूजर्स की संख्या 2.4% बढ़कर 21.5 लाख हो गई। वहीं, प्रति यूजर औसत कलेक्शन 9.7% बढ़कर ₹4,311 रहा।
कंपनी के ऑनलाइन K-12 और अर्ली लर्निंग कारोबार में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। इस सेगमेंट का राजस्व सालाना आधार पर 88% बढ़कर ₹105 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹56 करोड़ था। इस दौरान नामांकन 41% बढ़कर 7.8 लाख हो गया। कंपनी के अनुसार, स्कूल बोर्ड, फाउंडेशन कोर्स, ओलंपियाड की तैयारी और क्यूरियस जूनियर जैसे कार्यक्रमों ने इस वृद्धि में योगदान दिया।
ऑफलाइन कारोबार का नेटवर्क भी बढ़ा
फिजिक्सवाला के ऑफलाइन कारोबार का रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹490 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹428 करोड़ था। ऑफलाइन छात्रों की संख्या भी 5% बढ़कर 3.5 लाख हो गई। वहीं जून 2026 तक कंपनी का ऑफलाइन नेटवर्क 366 सेंटर तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह संख्या 303 थी। इस नेटवर्क में 165 पीडब्ल्यू विद्यापीठ सेंटर, 70 पाठशाला सेंटर और 131 अन्य तथा सहायक संस्थानों द्वारा संचालित सेंटर शामिल हैं।
हालांकि, ऑफलाइन कारोबार अभी भी घाटे में रहा। तिमाही में इसका प्री-इंड एएस EBITDA घाटा ₹106 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹113 करोड़ था। कंपनी के अनुसार, नए ऑफलाइन सेंटरों में शुरुआती चरण में फैकल्टी, किराया और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक खर्च होता है। नामांकन बढ़ने के साथ इन सेंटरों की लागत और परिचालन प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद रहती है।
NEET परीक्षा चक्र में बदलाव का असर
कंपनी ने बताया कि NEET UG परीक्षा स्थगित होने और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित किए जाने से सामान्य एडमिशन चक्र प्रभावित हुआ। इसके कारण जून तिमाही में ऑनलाइन NEET कलेक्शन में 28% की कमी आई, क्योंकि परीक्षा के बाद होने वाला सामान्य एडमिशन चक्र रिपोर्टिंग तिमाही से आगे चला गया।
कंपनी ने बाद की अवधि के कलेक्शन में सुधार की जानकारी भी दी है। हालांकि, इस आंकड़े को तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन से अलग समझना जरूरी है, क्योंकि यह 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के बाद की अवधि से संबंधित है।
लर्नर बेस और यूजर एंगेजमेंट में बढ़ोतरी
तिमाही के दौरान फिजिक्सवाला के कुल पेड यूजर्स की संख्या सालाना आधार पर 2.4% बढ़कर 24.9 लाख हो गई। वहीं, डेली एक्टिव यूजर्स में 26% की बढ़ोतरी हुई और यह संख्या 40.3 लाख से अधिक पहुंच गई।
फिजिक्सवाला के फाउंडर और सीईओ अलख पांडे ने कहा कि 'यह तिमाही कंपनी की टिकाऊ लाभप्रदता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनके अनुसार, NEET परीक्षा चक्र में बदलाव के बावजूद कंपनी ने राजस्व वृद्धि के साथ लाभप्रदता में सुधार किया और ऑनलाइन, ऑफलाइन, K-12 तथा नए परीक्षा वर्गों में अपने लर्नर बेस का विस्तार जारी रखा।'
वित्त वर्ष 2027 की मजबूत शुरुआत
फिजिक्सवाला के कारोबार में अकादमिक कैलेंडर के कारण मौसमी प्रभाव रहता है। वित्त वर्ष की शुरुआत में नामांकन बढ़ने और अलग-अलग समय पर बैच शुरू होने के कारण तिमाही-दर-तिमाही प्रदर्शन में बदलाव देखने को मिल सकता है।
इसके बावजूद, एडजस्टेड EBITDA में सालाना आधार पर पांच गुना से अधिक वृद्धि कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में सुधार को दर्शाती है। प्री-इंड एएस EBITDA घाटा भी पिछले साल के ₹89 करोड़ से घटकर ₹44 करोड़ रह गया। इसका नकारात्मक मार्जिन -10.5% से सुधरकर -4.2% हुआ, जबकि पीएटी मार्जिन भी -15% से सुधरकर -8.4% रहा।
30 जून 2026 तक कंपनी के पास 19,567 कर्मचारी और 7,268 फैकल्टी सदस्य थे। कंपनी के अनुसार, ऑनलाइन एजुकेशन, K-12 और अर्ली लर्निंग के साथ नए परीक्षा वर्गों में विस्तार आगे की ग्रोथ के प्रमुख आधार बने रहेंगे।
FY26 में फिजिक्सवाला ने ₹3,900 करोड़ का रिकॉर्ड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस और ₹549 करोड़ EBITDA रिपोर्ट किया था। ऐसे में Q1 FY27 के आंकड़े कंपनी की मौजूदा स्केलिंग और परिचालन दक्षता में सुधार की अगली कड़ी के रूप में देखे जा सकते हैं। कंपनी ने जून 2026 तक अपने ऑफलाइन नेटवर्क का विस्तार कर 366 सेंटर कर दिया है, जबकि एक साल पहले यह संख्या 303 थी। इनमें 165 पीडब्ल्यू विद्यापीठ, 70 पाठशाला और 131 अन्य तथा सहायक संस्थानों द्वारा संचालित सेंटर शामिल हैं।
हालांकि, ऑफलाइन कारोबार अभी भी घाटे में रहा। तिमाही में इसका प्री-इंड एएस EBITDA घाटा ₹106 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹113 करोड़ था। कंपनी के अनुसार, नए ऑफलाइन सेंटरों में शुरुआत में फैकल्टी, किराया और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक खर्च होता है और नामांकन बढ़ने के साथ इनकी लागत में सुधार आता है।
NEET परीक्षा में देरी का नामांकन पर असर
कंपनी ने बताया कि NEET UG परीक्षा स्थगित होने और दोबारा परीक्षा आयोजित किए जाने से सामान्य नामांकन चक्र प्रभावित हुआ। इसके कारण तिमाही में ऑनलाइन NEET कलेक्शन में 28% की कमी आई, क्योंकि परीक्षा के बाद होने वाला एडमिशन चक्र रिपोर्टिंग तिमाही के बाद चला गया। हालांकि, परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद 1 जुलाई से 13 अगस्त के बीच ऑनलाइन कलेक्शन में सालाना आधार पर 51% की बढ़ोतरी हुई। इससे कंपनी को आने वाली तिमाहियों में नामांकन और राजस्व में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
लर्नर बेस और यूजर एंगेजमेंट में बढ़ोतरी
तिमाही के दौरान फिजिक्सवाला के कुल पेड यूजर्स की संख्या 2.4% बढ़कर 24.9 लाख हो गई। वहीं डेली एक्टिव यूजर्स में 26% की बढ़ोतरी हुई और यह संख्या 40.3 लाख से अधिक पहुंच गई।
कंपनी ने कहा कि ऑनलाइन, ऑफलाइन, K-12 और नए परीक्षा वर्गों में लगातार विस्तार से उसका लर्नर बेस मजबूत हो रहा है। फिजिक्सवाला के संस्थापक और सीईओ अलख पांडे ने कहा कि यह तिमाही टिकाऊ लाभप्रदता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा चक्र में बदलाव के बावजूद कंपनी ने राजस्व में अच्छी ग्रोथ के साथ लाभप्रदता में सुधार किया है।
FY27 की शुरुआत मजबूत
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष की शुरुआत में नामांकन बढ़ने और अकादमिक कैलेंडर के अनुसार बैच शुरू होने के कारण एजुकेशन कारोबार में मौसमी प्रभाव रहता है। इसके बावजूद एडजस्टेड EBITDA सालाना आधार पर पांच गुना से अधिक बढ़कर ₹135 करोड़ हो गया। वहीं प्री-इंड एएस EBITDA घाटा भी ₹89 करोड़ से घटकर ₹44 करोड़ रह गया। इसका नकारात्मक मार्जिन -10.5% से सुधरकर -4.2% हो गया। वहीं पीएटी मार्जिन भी पिछले साल के -15% से सुधरकर -8.4% रहा।
कंपनी ने 30 जून 2026 तक 19,567 कर्मचारियों और 7,268 फैकल्टी सदस्यों की जानकारी दी है। फिजिक्सवाला के अनुसार, ऑनलाइन शिक्षा, K-12 और अर्ली लर्निंग के साथ नए परीक्षा वर्गों में विस्तार कंपनी की आगे की ग्रोथ के प्रमुख आधार बने रहेंगे।