यहां पिज़्ज़ा को प्रयोग, ईमानदार कुकिंग और बोल्ड फ्लेवर्स के साथ पेश किया जाता है, जहां जाने-पहचाने इंग्रीडिएंट्स को नए और अनोखे तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। यहां पिज़्ज़ा को एक ऐसी कला माना जाता है जो हमेशा बदलती रहती है, कभी स्थिर नहीं होती। इसका अप्रोच स्टाइल-फ्री और फ्लेवर-ड्रिवन है, जिसमें पेट के लिए हल्के और इंग्रीडिएंट-आधारित पिज़्ज़ा को पूरी सावधानी से तैयार किया जाता है।
शेफ राहुल सिंह, सिद्धार्थ नेस्ट और विचिता कुमार द्वारा स्थापित, Pizza No Cap नाम दो बातों को दर्शाता है- कोई दिखावा नहीं, सिर्फ़ ईमानदार खाना, और कोई सीमाएँ नहीं, जहां सख्त नियमों के बजाय रचनात्मकता और जिज्ञासा कुकिंग को दिशा देती है। 40 सीटों वाला यह स्पेस एक काम करते किचन की तरह डिज़ाइन किया गया है, जिसमें ओपन काउंटर, कम्युनल टेबल्स और शेफ-लीड सीटिंग है। गर्म लकड़ी, खुली ईंटें और इंडस्ट्रियल एलिमेंट्स मिलकर एक सुकून भरा लेकिन रिफाइंड माहौल बनाते हैं। मेहमान आटे की तैयारी से लेकर बेकिंग तक पूरी पिज़्ज़ा बनाने की प्रक्रिया को देख सकते हैं, जिससे अनुभव इंटरएक्टिव और पारदर्शी बनता है।
Pizza No Cap की सोच डो-फर्स्ट फिलॉसफी पर आधारित है। यहां आटे को 96 घंटे तक कोल्ड फर्मेंट किया जाता है और मौसम व जलवायु के अनुसार इसमें बदलाव किए जाते हैं। ज़्यादातर इंग्रीडिएंट्स इन-हाउस तैयार किए जाते हैं और एक कस्टम-बिल्ट ईंट का ओवन टीम को तापमान और बेकिंग पर सटीक नियंत्रण देता है।
मेन्यू रचनात्मक और इंग्रीडिएंट-केंद्रित है, जिसमें स्मॉल प्लेट्स, पिज़्ज़ेटे, 11-इंच पिज़्ज़ा, सलाद, डेज़र्ट्स और घर में फर्मेंट किए गए ड्रिंक्स शामिल हैं। डिशेज़ में वेजिटेरियन विकल्प जैसे चिलीज़ ऑन फायर और ग्रिल्ड एगप्लांट विद हरिसा एंड मोज़ से लेकर मीट और सीफूड डिशेज़ जैसे स्टिकी चिकन और प्रॉन इन कस्टर्डी तक शामिल हैं। सिग्नेचर पिज़्ज़ा में केरल फ्लेक्स, रूटेड इन ग्रीन्स, द ऑटोमन और पेप्पा’ज़ मड्डी पडल शामिल हैं। हर डिश को स्वाद और टेक्सचर के संतुलन के साथ तैयार किया जाता है, जो वर्कशॉप के क्राफ्ट और एक्सपेरिमेंटेशन पर फोकस को दर्शाता है।
लॉन्च पर बात करते हुए तीनों शेफ्स ने कहा, “Pizza No Cap भले ही कैज़ुअल लगे, लेकिन यहां बनने वाला हर पिज़्ज़ा गंभीर कारीगरी का नतीजा है। हमारी वर्कशॉप हमेशा विकसित हो रही है, जहाँ आटा, टॉपिंग्स और तकनीक को लगातार टेस्ट और रिफाइन किया जाता है। हम संतुलन, टेक्सचर और फ्लेवर को लेकर बेहद जुनूनी हैं और हर पाई उस समय, देखभाल और प्रयोग को दर्शाती है जो उसमें लगाया जाता है। हम ऐसे पिज़्ज़ा बनाना चाहते हैं जो ईमानदार हों, जिनमें किरदार हो और जो शेयर करने के लिए बने हों, साथ ही डाइनर्स को एक ऐसा स्पेस देना चाहते हैं जहाँ वे प्रक्रिया को देख सकें, कारीगरी से जुड़ सकें और कुछ वाकई खास अनुभव कर सकें। हमारे लिए यह सिर्फ़ खाने की बात नहीं है; यह एक यात्रा बनाने के बारे में है, जहां जिज्ञासा, रचनात्मकता और कारीगरी हर बाइट में एक साथ आती हैं।”