Snacc को जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य स्नैक्स, पेय पदार्थ और रेडी-टू-ईट आइटम्स की तेज़ डिलीवरी करना था। इसके लिए कंपनी ने सेंट्रल हब मॉडल अपनाया था। यह ऐप Swiggy के मुख्य प्लेटफॉर्म से अलग काम करती थी और अल्ट्रा-फास्ट फूड डिलीवरी के प्रयोग का हिस्सा थी। इसे पहले बेंगलुरु में शुरू किया गया, बाद में गुरुग्राम और नोएडा तक विस्तार किया गया, लेकिन यह देशभर में लॉन्च नहीं हो सकी।
रिपोर्ट के अनुसार Swiggy के मुख्य फूड डिलीवरी बिज़नेस में 20.5% सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी ऑर्डर की संख्या और औसत ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ने से हुई है। कंपनी ने कहा कि वह अब पूंजी का सोच-समझकर उपयोग और बड़े स्तर पर सफल होने वाली योजनाओं पर ध्यान देगी।
Snacc का बंद होना अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी सेक्टर में चल रहे बदलाव को दिखाता है। पिछले साल Zomato ने भी अपनी 15 मिनट डिलीवरी सेवा ‘Quick’ को सिर्फ चार महीने बाद रोक दिया था। Zepto Café ने भी अपने 600 में से लगभग 200 आउटलेट बंद कर दिए थे। वहीं Ola ने भी अपनी Ola Foods डिलीवरी सेवा को दोबारा लॉन्च के बाद रोक दिया।
हालांकि, इस सेक्टर में रुचि पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। फास्ट-डिलीवरी स्टार्टअप Swish करीब 30-35 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाने के लिए बातचीत कर रही है, जिससे पता चलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी अब भी बनी हुई है।