तमिलनाडु ने 2025–26 के लिए देश की पहली राज्य-स्तरीय डीप टेक स्टार्टअप नीति लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य विज्ञान-आधारित और आईपी-गहन स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है। इस नीति का उद्घाटन मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने उमाजिन टीएन टेक्नोलॉजी समिट में किया। सरकार की योजना अगले पांच वर्षों में 100 डीप टेक स्टार्टअप्स को समर्थन देना और सार्वजनिक और निजी स्रोतों से 100 करोड़ रुपये का निवेश जुटाना है।
नीति का मुख्य उद्देश्य "लैब-टू-मार्केट" अंतर को पाटना है, जिसमें शुरुआती अनुसंधान और विकास से लेकर वाणिज्यिक स्तर पर उत्पादन और बाजार में अपनाने तक स्टार्टअप जीवनचक्र में संरचित सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाएँ विभाग के नेतृत्व में तमिलनाडु टेक्नोलॉजी (iTNT) हब के माध्यम से लागू की जाएगी।
डीप टेक स्टार्टअप्स को परिभाषित करते हुए नीति में कहा गया है कि ये स्टार्टअप्स उन्नत वैज्ञानिक या इंजीनियरिंग नवाचारों पर आधारित होते हैं, जिनमें लंबी विकास अवधि, उच्च पूंजी आवश्यकता और मजबूत बौद्धिक संपदा होती है। ये स्टार्टअप्स हेल्थकेयर, ऊर्जा, निर्माण और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं।
नीति पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित है: अनुसंधान और विकास समर्थन, फंडिंग और निवेश को तेज करना, अवसंरचना और पारिस्थितिकी तंत्र विकास, नवाचार कार्यबल और ज्ञान साझेदारी, और बाजार में अपनाने की सुविधा। इसमें शुरुआती अनुसंधान (TRL 4 तक) के लिए अनुदान, वाणिज्यिक और स्केल-अप समर्थन, आईपी निर्माण व वाणिज्यीकरण सहायता और प्रदर्शन आधारित माइक्रो-फंड का प्रावधान है।
नीति में डीप टेक फंड ऑफ फंड्स के जरिए निजी पूंजी आकर्षित करने, सरकारी पार्कों में साझा अवसंरचना और रेंटल सब्सिडी की सुविधा, टेस्ट बेड और "गवर्नमेंट ऐज अर्ली अडॉप्टर" कार्यक्रम के तहत पायलट परियोजनाओं के लिए 25 करोड़ रुपये वार्षिक आवंटन की भी योजना शामिल है।
प्रतिभा विकास के लिए डीप टेक स्किलिंग कार्यक्रमों, डॉक्टोरल फेलोशिप और अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज व मेंटरशिप प्रोग्राम की व्यवस्था की गई है। नीति का जोर सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, आपदा प्रतिरोध और सामाजिक सुरक्षा पर है, ताकि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक प्रभाव भी सुनिश्चित किया जा सके।
iTNT हब इस नीति का नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा, फंड्स का प्रबंधन करेगा, विभागों का समन्वय करेगा और संसाधन साझा करने के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालित करेगा।