पब्लिक मार्केट की अग्निपरीक्षा: InMobi की चर्चा, Fractal की फीकी शुरुआत

पब्लिक मार्केट की अग्निपरीक्षा: InMobi की चर्चा, Fractal की फीकी शुरुआत

पब्लिक मार्केट की अग्निपरीक्षा: InMobi की चर्चा, Fractal की फीकी शुरुआत
साल 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही टेक कंपनियों में दो बड़े नाम हैं- InMobi, जो भारत का पहला यूनिकॉर्न था और Fractal Analytics, जो एक डीप-टेक एआई और एनालिटिक्स कंपनी है।


भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब तक निजी निवेश के दम पर तेजी से बढ़ा है और अब वह पब्लिक मार्केट में एक अहम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। 2026 में लिस्टिंग की तैयारी कर रही टेक कंपनियों में InMobi और Fractal Analytics खास तौर पर चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलग-अलग तकनीकी मॉडल पर काम करने वाली ये दोनों कंपनियां अरबों डॉलर की वैल्यूएशन के साथ IPO लाने की योजना बना रही हैं।

InMobi: भारत के पहले यूनिकॉर्न से IPO की तैयारी तक

InMobi की स्थापना 2007 में हुई थी। साल 2011 में यह भारत का पहला यूनिकॉर्न बना, जब देश में स्टार्टअप बूम की शुरुआत हो रही थी। अब 2026 में कंपनी एक बड़े IPO की तैयारी कर रही है, जो साल की सबसे चर्चित लिस्टिंग में से एक हो सकता है।

कई वर्षों तक सिंगापुर से काम करने के बाद InMobi अब IPO से पहले अपना मुख्यालय फिर से भारत ला रही है। इससे साफ है कि कंपनी NSE और BSE पर लिस्ट होकर सीधे भारतीय निवेशकों तक पहुंचना चाहती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, InMobi ने अपने IPO के लिए Kotak Mahindra Capital, Axis Capital, Jefferies, JP Morgan और UBS सहित आठ इन्वेस्टमेंट बैंकों से सलाह ली है। कंपनी कम से कम 500 मिलियन डॉलर जुटाने की योजना बना रही है, जिसकी अनुमानित वैल्यूएशन 4-5 बिलियन डॉलर के बीच हो सकती है। हालांकि IPO का अंतिम आकार और कीमत अभी तय नहीं हुई है, लेकिन पहले ऐसी चर्चा थी कि कंपनी 1 बिलियन डॉलर तक जुटा सकती है।

IPO की तैयारी से पहले कंपनी के फाउंडर्स Naveen Tewari, Abhay Singhal, Mohit Saxena और Piyush Shah ने 2025 के अंत में SoftBank की हिस्सेदारी खरीद ली। इससे उनकी कुल हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक हो गई। अगर यह लिस्टिंग सफल रहती है, तो यह भारत के एड-टेक सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।

Fractal Analytics: एआई सेक्टर की पब्लिक एंट्री

Fractal Analytics की स्थापना साल 2000 में हुई थी। यह कंपनी एंटरप्राइज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में काम करती है। इसके क्लाइंट्स में Microsoft, Alphabet, Nvidia, Apple और Tesla जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं। वहीं साल 2022 में 360 मिलियन डॉलर की फंडिंग के बाद Fractal यूनिकॉर्न बना और उसकी वैल्यूएशन करीब 2.44 बिलियन डॉलर आंकी गई।

Fractal ने 9 फरवरी 2026 को अपना IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खोला। कंपनी ने लगभग 14,450-15,500 करोड़ रुपये (करीब 1.6-1.7 बिलियन डॉलर) की वैल्यूएशन का लक्ष्य रखा है। प्रति शेयर कीमत 857 से 900 रुपये के बीच तय की गई है।

Morgan Stanley और Goldman Sachs जैसे एंकर निवेशकों ने IPO से पहले लगभग 1,248 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे संस्थागत निवेशकों का भरोसा दिखा। लेकिन आम निवेशकों की तरफ से प्रतिक्रिया कमजोर रही। दूसरे दिन तक IPO केवल 19 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हुआ। यह इश्यू 11 फरवरी को बंद होगा।

बाजार की मौजूदा कमजोरी को देखते हुए IPO का आकार 4,900 करोड़ रुपये से घटाकर करीब 2,834 करोड़ रुपये (लगभग 314 मिलियन डॉलर) कर दिया गया। कंपनी को इसमें से करीब 1,024 करोड़ रुपये नई पूंजी के रूप में मिलेंगे, जबकि बाकी हिस्सेदारी मौजूदा निवेशक बेचेंगे। वहीं कंपनी ने बताया है कि जुटाई गई राशि का उपयोग अमेरिकी सब्सिडियरी के कर्ज चुकाने, नए ऑफिस खोलने और खासतौर पर जेनरेटिव एआई में रिसर्च और डेवलपमेंट पर किया जाएगा।

Fractal के को-फाउंडर Srikanth Velamakanni ने कहा है कि पब्लिक मार्केट के निवेशक एआई कंपनियों को अलग नजर से देखते हैं और अक्सर ज्यादा सतर्क रहते हैं। इसलिए कंपनी ने अपनी पिछली प्राइवेट वैल्यूएशन के मुकाबले आकर्षक कीमत पर IPO लाने का फैसला किया है, ताकि नए निवेशकों की रुचि बढ़ाई जा सके।

हालांकि दूसरे दिन का प्रदर्शन कमजोर रहा है, लेकिन अगर IPO सफल होता है तो Fractal भारत की पहली शुद्ध एआई कंपनियों में से एक होगी जो शेयर बाजार में लिस्ट होगी।

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