चेन्नई फोर्ज़्ड व्हील प्लांट से भारत बनेगा ग्लोबल हब

चेन्नई फोर्ज़्ड व्हील प्लांट से भारत बनेगा ग्लोबल हब

चेन्नई फोर्ज़्ड व्हील प्लांट से भारत बनेगा ग्लोबल हब
रामकृष्ण फोर्जिंग्स ने ऑटोमोटिव, रेलवे और एयरोस्पेस में अपनी वैश्विक पहचान बनाई है। चैतन्य जालान की अगुवाई में कंपनी नई तकनीक, ऑटोमेशन और एल्युमिनियम फोर्जिंग में निवेश कर भविष्य के बाजारों के लिए तैयार है।

भारत में कभी केवल पारंपरिक माना जाने वाला फोर्जिंग उद्योग आज वैश्विक ताकत बन चुका है। ऑटोमोटिव सेक्टर, इन्फ्रास्ट्रक्चर में बढ़ावा और निर्यात में वृद्धि ने इस उद्योग की विकास यात्रा को गति दी है।

1981 में स्थापित रामकृष्ण फोर्जिंग्स, आज मेटल फोर्मिंग इंडस्ट्री में वैश्विक पहचान रखती है और फोर्ज़्ड, मशीनिंग और फैब्रिकेटेड उत्पादों की आपूर्ति करती है। कंपनी की सफलता का श्रेय है आधुनिक तकनीक को अपनाने, प्रक्रियाओं में सुधार करने और टैलेंट मैनेजमेंट पर जोर देने को।

कंपनी के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर चैतन्य जालान का कहना है कि उनके लिए परिवारिक व्यवसाय में शुरुआती यादें किसी बड़े क्षण से नहीं जुड़ीं, बल्कि कई छोटे अनुभवों ने उन्हें आकार दिया।

जालान ने बताया, "कुछ निर्णयों ने हमारी दिशा बदल दी। वॉर्म और कोल्ड फोर्जिंग को बड़े पैमाने पर लागू करना उनमें से एक था। इससे हम प्रिसिजन-इंटेंसिव सेक्टरों में प्रवेश कर पाए — EVs, पैसेंजर व्हीकल्स, रेलवे और एयरोस्पेस तक।"

कंपनी ने रेलवे सेक्टर में भी बड़े कदम उठाए। "हम सिर्फ कंपोनेंट्स सप्लाई करने से आगे बढ़कर एलएचबी और वंदे भारत ट्रेनों के अंडरकारेज सिस्टम्स देने लगे। चेन्नई में फोर्ज़्ड व्हील प्लांट एक बड़ा माइलस्टोन है — यह भारत को व्हील और एक्सल मैन्युफैक्चरिंग में ग्लोबल मैप पर रखेगा। और मेक्सिको में हमारी पहली अंतरराष्ट्रीय यूनिट ने हमें नॉर्थ अमेरिकन OEMs के करीब लाया और हमें एक सच्चे ग्लोबल सप्लायर के रूप में स्थापित किया।"

डाइवर्सिफिकेशन को जालान “बहुत कुछ करने की कोशिश” नहीं मानते, बल्कि इसे विशेषज्ञता बढ़ाने का अवसर मानते हैं। चेन्नई का फोर्ज़्ड व्हील प्रोजेक्ट एशिया का सबसे बड़ा प्रोजेक्टों में से एक है और भारत की इम्पोर्ट डिपेंडेंसी को कम करेगा। "साथ ही, एल्युमिनियम फोर्जिंग में हमारा काम EV और नई मोबिलिटी मार्केट के लिए हमें मजबूत स्थिति देता है।"

जालान का मानना है कि विरासत एक जीवंत चीज है। यह पुराने को संरक्षित करने के बारे में नहीं, बल्कि उसके पीछे की भावना को जीवित रखने के बारे में है। "हमने अपने प्रोडक्शन लाइन्स में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिजिटलाइजेशन और AI को लागू किया है, लेकिन मूल सिद्धांत वही रहे — इंटिग्रिटी, डिसिप्लिन और क्वालिटी। यही विरासत को सशक्त बनाता है।"

रामकृष्ण फोर्जिंग्स ऑटोमोटिव, रेलवे, फार्म इक्विपमेंट, अर्थ मूविंग, माइनिंग & कंस्ट्रक्शन, ऑयल & गैस, पावर और जनरल इंजीनियरिंग जैसे विविध सेक्टर्स को सेवाएं देती है।

कंपनी की वर्तमान स्थिति:

आयु: 27 वर्ष
कर्मचारी संख्या: 2700+
टर्नओवर: FY25 में 4034 करोड़, Q1FY26 में 1015 करोड़

रामकृष्ण फोर्जिंग्स का सफर इस बात का प्रमाण है कि भारतीय उद्योग केवल घरेलू नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं।

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