स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे, 2 लाख से अधिक स्टार्टअप और 21 लाख से ज्यादा नौकरियां

स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे, 2 लाख से अधिक स्टार्टअप और 21 लाख से ज्यादा नौकरियां

स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे, 2 लाख से अधिक स्टार्टअप और 21 लाख से ज्यादा नौकरियां
भारत सरकार द्वारा आरंभ किए गए स्टार्टअप इंडिया के 10 सालों में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हुआ है। स्टार्टअप की संख्या, रोजगार, निवेश और नए सेक्टरों में लगातार बढ़त दर्ज की गई है, जिससे भारत दुनिया के बड़े स्टार्टअप हब में शामिल हुआ है।


साल 2016 में शुरू हुआ स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था। 16 जनवरी 2026 को इसे स्थापित हुए 10 साल पूरे हो जाएंगे। बीते एक दशक में इस पहल के तहत नए कारोबार, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों को नीति समर्थन मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार स्टार्टअप इंडिया ने रजिस्ट्रेशन, फंडिंग, टैक्स छूट और आसान नियमों के जरिए इकोसिस्टम को मजबूत किया है।

स्टार्टअप की संख्या और रोजगार

2016 में स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत के समय देश में करीब 400 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप थे, जो अब बढ़कर 2.09 लाख से ज्यादा हो चुके हैं। इन स्टार्टअप्स में लगभग 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। औसतन हर स्टार्टअप लगभग 11 नौकरियां पैदा कर रहा है। खास बात यह रही कि 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में आधारित हैं, जिससे छोटे शहरों में भी उद्यमिता को मजबूती मिली है।

सरकारी समर्थन और फंडिंग

पिछले दस सालों में स्टार्टअप्स को मजबूत करने के लिए कई वित्तीय योजनाएं लागू की गईं। फंड्स ऑफ फंड्स (FoF) के तहत 10,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई, जिससे 1,270 से अधिक स्टार्टअप्स में 22,900 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ। स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (Seed Fund Scheme) के जरिए शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा क्रेडिट गारंटी स्कीम (Credit Guarantee Scheme) के तहत बिना गारंटी लोन की सुविधा दी गई, जिसमें अब तक 750 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन को समर्थन मिला है।

नियमों में सरलता और मार्केट तक पहुंच

स्टार्टअप इंडिया के तहत नियमों को आसान बनाने पर खास जोर दिया गया। अब तक 4,000 से ज्यादा अनुपालनों को हटाया गया और हजारों कानूनी प्रावधानों में बदलाव किया गया। स्टार्टअप्स को सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा दी गई, जिससे शुरुआती सालों में निरीक्षण का दबाव कम हुआ। सरकारी ई-मार्केटप्लेस के जरिए स्टार्टअप्स को सीधे सरकारी खरीद में भाग लेने का मौका मिला, जहां 38,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन हो चुके हैं।

यूनिकॉर्न और नए सेक्टरों का उभार

स्टार्टअप इंडिया के एक दशक में भारत में यूनिकॉर्न की संख्या चार से बढ़कर 120 से ज्यादा हो गई है, जिनका कुल मूल्यांकन 350 बिलियन डॉलर से अधिक है। डिफेंस टेक, स्पेस टेक, बायोटेक, एग्रीटेक और जनरेटिव एआई जैसे नए सेक्टर मुख्यधारा में आए हैं। आज देश में 1,000 से अधिक डिफेंस स्टार्टअप, 380 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप और करीब 900 एआई आधारित स्टार्टअप सक्रिय हैं।

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