बैटरी स्वैपिंग सॉल्यूशन प्रोवाइडर सन मोबिलिटी (SUN Mobility) ने घोषणा की है कि उसके हेवी इलेक्ट्रिक व्हीकल (HEV) बिजनेस को ट्रक और बसों के लिए विकसित स्वदेशी हाई-वोल्टेज स्वैपेबल बैटरी प्लेटफॉर्म के लिए देश की पहली AIS-038 सर्टिफिकेशन प्राप्त हुई है। यह प्रमाणन ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), चाकण द्वारा व्यापक परीक्षण के बाद दिया गया, जिसमें सुरक्षा, प्रदर्शन और विश्वसनीयता की जांच की गई।
कंपनी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म वर्षों के घरेलू अनुसंधान और विकास का परिणाम है। सन मोबिलिटी (SUN Mobility) ने इस क्षेत्र में 160 से अधिक पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं, जिनमें से 40 से ज्यादा को मंजूरी मिल चुकी है।
यह प्लेटफॉर्म 50 kWh और 100 kWh के दो वेरिएंट में उपलब्ध है, जो 660V हाई-वोल्टेज कैटेगरी में आते हैं। इसकी मॉड्यूलर और ओईएम (OEM)-एग्नोस्टिक डिजाइन इसे विभिन्न वाहन निर्माताओं के साथ संगत बनाती है और नए वाहनों के साथ-साथ रेट्रोफिट विकल्प भी प्रदान करती है। इससे फ्लीट ऑपरेटर अपनी जरूरत के अनुसार बैटरी क्षमता को समायोजित कर सकते हैं।
इस तकनीक का उद्देश्य वाहन डाउनटाइम कम करना, रेंज की चिंता को दूर करना और फ्लीट की कुल लागत को बेहतर बनाना है—जो कमर्शियल EV अपनाने में प्रमुख बाधाएं मानी जाती हैं।
यह सर्टिफिकेशन ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार PM e-DRIVE जैसी योजनाओं के जरिए इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों को बढ़ावा दे रही है। SUN Mobility का यह प्लेटफॉर्म अब फ्लीट ऑपरेटरों और वाहन निर्माताओं के लिए एक प्रमाणित और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।
सन मोबिलिटी (SUN Mobility) के एचईवी बिजनेस के सीईओ अशोक अग्रवाल ने इसे ईवी अपनाने को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं सीटीओ नवीन चोपड़ा ने कहा कि यह सर्टिफिकेशन प्लेटफॉर्म की इंजीनियरिंग मजबूती और वास्तविक परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता को साबित करता है।
वर्ष 2017 में स्थापित सन मोबिलिटी (SUN Mobility) देशभर के 23 से ज्यादा शहरों में 1,300 से ज्यादा बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित कर चुकी है। कंपनी अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा बैटरी स्वैप कर चुकी है और 1 अरब से ज्यादा इलेक्ट्रिक किलोमीटर की यात्रा को सक्षम बनाया है, जिससे 70,000 मीट्रिक टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन में कमी आई है।