भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन तथा रिसर्च से जुड़ी वैश्विक साझेदारियां इस विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी दिशा में Tata Electronics और दुनिया की अग्रणी सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता कंपनी ASML ने भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
गुजरात के धोलेरा में बनेगी अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर फैब
इस साझेदारी के तहत ASML, गुजरात के धोलेरा में Tata Electronics की आगामी 300 mm (12 इंच) सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना और उसके सफल संचालन में सहयोग करेगी। यह समझौता भारत और नीदरलैंड्स के बीच सेमीकंडक्टर जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों में बढ़ते रणनीतिक सहयोग का भी हिस्सा माना जा रहा है।
ASML के सीईओ क्रिस्टोफ फूके (Christophe Fouquet) ने कहा कि भारत में हुई चर्चाओं और SEMICON India में भागीदारी के बाद यह साझेदारी एक स्वाभाविक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ASML अपनी उन्नत Lithography Tools और Holistic Lithography Solutions के जरिए Tata Electronics की फैब को मजबूत तकनीकी सहायता प्रदान करेगी।
स्थानीय टैलेंट डेवलपमेंट और रिसर्च पर भी फोकस
इस सहयोग में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि लोकल टैलेंट डेवलपमेंट, सप्लाई चेन निर्माण और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ASML और Tata Electronics मिलकर भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में काम करेंगे।
इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय इंजीनियरों, तकनीकी छात्रों और रिसर्च प्रोफेशनल्स को वैश्विक स्तर की तकनीक और इंडस्ट्री एक्सपोजर मिलेगा। साथ ही, भारत में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी नई गति मिलेगी।
उन्नत चिप निर्माण तकनीक में ASML की बड़ी भूमिका
ASML दुनिया की प्रमुख Lithography Technology कंपनी है, जिसकी EUV (Extreme Ultraviolet) Lithography Systems का उपयोग 7nm और उससे छोटे एडवांस सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने में किया जाता है। कंपनी का कहना है कि EUV तकनीक की उपलब्धता ग्राहकों की तकनीकी जरूरतों और रोडमैप पर निर्भर करती है।
क्रिस्टोफ फूके ने पहले दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि ASML भारत के तकनीकी विकास में अपनी विशेषज्ञता का योगदान देने को लेकर उत्साहित है।
Tata Electronics को मिलेगा वैश्विक तकनीकी सहयोग
Tata Electronics के सीईओ और एमडी डॉ. रंधीर ठाकुर ने कहा कि ASML के साथ यह साझेदारी भारत में मजबूत और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, उन्होंने आगे कहा कि ASML की तकनीकी विशेषज्ञता धोलेरा फैब के समय पर संचालन, इनोवेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर टैलेंट विकसित करने में मदद करेगी। साथ ही, यह साझेदारी गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और मैन्युफैक्चरिंग उत्कृष्टता के उच्च मानकों को स्थापित करेगी।
SEMICON India 2025 में ASML की खास भागीदारी
ASML ने पहली बार SEMICON India 2025 में भाग लिया था, जहां कंपनी ने भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। इस दौरान ASML ने अपनी Holistic Lithography Portfolio प्रदर्शित की, जिसमें Lithography Systems, Computational Software, Metrology और Inspection Solutions शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार के साथ ऐसी वैश्विक कंपनियों की भागीदारी देश को टेक्नोलॉजी हब बनाने में मदद करेगी।
11 बिलियन डॉलर के निवेश से बनेगा बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब
धोलेरा में बनने वाली इस सेमीकंडक्टर फैब में कुल 11 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। यह सुविधा ऑटोमोबाइल, मोबाइल डिवाइसेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य कई क्षेत्रों के लिए चिप्स का निर्माण करेगी।
Tata Electronics ने ताइवान की PSMC (Powerchip Semiconductor Manufacturing Corporation) के साथ भी साझेदारी की है, जिसके जरिए कंपनी को 28nm, 40nm, 55nm, 90nm और 110nm जैसी उन्नत तकनीकों तक पहुंच मिलेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्लांट का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
Qualcomm और Intel के साथ भी बढ़ा सहयोग
हाल ही में Qualcomm और Tata Electronics ने भारत में ऑटोमोटिव मॉड्यूल्स के निर्माण के लिए साझेदारी की थी। इसका उद्देश्य डिजिटल कॉकपिट, इंफोटेनमेंट, कनेक्टिविटी और स्मार्ट व्हीकल सिस्टम्स के लिए स्थानीय स्तर पर तकनीक विकसित करना है। इसके अलावा Tata और Intel ने भी भारत में सिलिकॉन और कंप्यूट इकोसिस्टम विकसित करने के लिए रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है। इससे भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत स्थान मिलने की उम्मीद है।
भारत के सेमीकंडक्टर भविष्य को मिलेगी नई दिशा
ASML ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में मैन्युफैक्चरिंग या R&D सेंटर स्थापित करने की तत्काल योजना नहीं है, लेकिन कंपनी भारत में एक Customer Support Office खोल रही है ताकि स्थानीय ग्राहकों और इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ बेहतर सहयोग किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि Tata Electronics और ASML की यह साझेदारी भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश में हाई-टेक रोजगार, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।