टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला टाटा ट्रस्ट्स की बोर्ड बैठक और टाटा संस की AGM से पहले आया है। AGM में रिटायरमेंट बाय रोटेशन के बाद चंद्रशेखरन की बतौर डायरेक्टर दोबारा नियुक्ति पर चर्चा होनी थी। हालांकि, चंद्रशेखरन अपने मौजूदा कार्यकाल के समाप्त होने तक 20 फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे। उन्होंने बोर्ड से नए चेयरमैन के चयन और उत्तराधिकारी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
चंद्रशेखरन ने फरवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। उन्होंने साइरस मिस्त्री की जगह यह जिम्मेदारी ली थी। फरवरी 2022 में उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त किया गया था।
छह महीने से चल रहा था उत्तराधिकारी को लेकर गतिरोध
चंद्रशेखरन के इस्तीफे का फैसला उनके तीसरे कार्यकाल को लेकर पिछले करीब छह महीने से चल रहे गतिरोध के बाद आया है। टाटा संस के बोर्ड ने 24 फरवरी को हुई बैठक में उनके पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का फैसला टाल दिया था। बताया गया कि टाटा ग्रुप के कुछ नए कारोबारों के प्रदर्शन को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। चंद्रशेखरन के लिए प्रस्तावित पांच साल के विस्तार को बोर्ड में सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिल पाया था। इसके बाद टाटा संस के नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने “टाटा ग्रुप में अपने पेशेवर जीवन के 40 साल पूरे कर लिए हैं।” उन्होंने टाटा ग्रुप में योगदान देने के अवसर के लिए आभार जताया और कहा कि पिछले एक दशक में टाटा संस का नेतृत्व करना उनके लिए “बहुत सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी” रहा है।
इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?
लंबे समय से चल रही अनिश्चितता के बीच चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के बीच मतभेदों की भी रिपोर्ट सामने आई थी। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। टाटा ट्रस्ट्स की ओर से ग्रुप के कुछ कारोबारों के प्रदर्शन और टाटा संस की भविष्य की दिशा को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर भी मतभेद थे।
चंद्रशेखरन ने कहा कि बोर्ड की पिछली बैठक को छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि टाटा संस एक बड़ी संस्था है और उसके कई महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रोजेक्ट इस समय निर्णायक चरण में हैं। ऐसे में कर्मचारियों, निवेशकों, साझेदारों और अन्य हितधारकों के लिए नेतृत्व को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर असर
चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद शुरुआती कारोबार में टाटा ग्रुप की कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। TCS, Tata Motors, Tata Steel और Titan के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव रहा, क्योंकि निवेशकों ने नेतृत्व में होने वाले बदलाव पर प्रतिक्रिया दी।