भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में निवेश प्लेटफॉर्म Trackk और एग्री-फाइनेंस स्टार्टअप ONO ने अपने विस्तार और नई सेवाओं के विकास के लिए ताजा फंडिंग जुटाई है। दोनों कंपनियां तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबारों को बेहतर सेवाएं देने पर फोकस कर रही हैं।
Lightspeed के नेतृत्व में Trackk ने जुटाए 3.7 मिलियन डॉलर
मुंबई में स्थित निवेश प्लेटफॉर्म Trackk ने सीड फंडिंग राउंड में 3.7 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Lightspeed ने किया, जबकि Info Edge Ventures और कई एंजेल निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया। इस राउंड में गौरव मुंजाल, रोमन सैनी, तनमय भट्ट, वरुण मय्या और गौरव कपूर जैसे प्रमुख निवेशकों ने भी निवेश किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत में युवा रिटेल निवेशकों को लक्ष्य बनाने वाले प्लेटफॉर्म्स में बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है
Gen Z निवेशकों पर फोकस कर रहा है Trackk
Trackk की स्थापना 2021 में वेदांत गुप्ते, आर्यन जैन और सिद्धार्थ ठक्कर ने की थी। यह एक SEBI-अनुमोदित स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे खासतौर पर Gen Z और मिलेनियल यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी इस नई फंडिंग का उपयोग अपने ब्रोकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नए प्रोडक्ट्स विकसित करने, टीम विस्तार करने और नए यूजर्स जोड़ने के लिए करेगी। साथ ही कंपनी युवा निवेशकों की जरूरतों के अनुसार अतिरिक्त फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स भी लॉन्च करने की योजना बना रही है।
Trackk अपने प्लेटफॉर्म पर सिंगल-स्क्रीन ट्रेडिंग, AI आधारित स्टॉक डिस्कवरी, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग, IPO निवेश और कस्टम स्टॉक स्क्रीनर जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म यूजर्स को पर्सनलाइज्ड निवेश अनुभव देने के लिए बिहेवियरल एनालिटिक्स का भी उपयोग करता है। वहीं कंपनी का दावा है कि उसके लगभग 90 प्रतिशत यूजर्स Gen Z वर्ग से आते हैं और अधिकांश यूजर्स की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच है।
एग्री-फाइनेंस स्टार्टअप ONO ने जुटाए 1.2 मिलियन डॉलर
एग्री-फाइनेंस स्टार्टअप ONO ने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में 1.2 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Aeravti Ventures ने किया, जबकि Angels और Tremis Capital ने भी इसमें भागीदारी की।
कंपनी इस निवेश का उपयोग अपने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को मजबूत करने, नए बाजारों में विस्तार करने और लेंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में करेगी। ONO का मुख्य फोकस पोस्ट-हार्वेस्ट एग्रीकल्चर को अधिक कुशल बनाना और छोटे एवं मध्यम व्यवसायों को औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है।
किसानों और व्यापारियों को डिजिटल सेवाएं देता है ONO
ONO की स्थापना रामा राव कंचारापु और डेविड पोकुरी ने की थी। यह एक डेटा और AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जो किसानों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर्स और खरीदारों को विभिन्न डिजिटल सेवाएं प्रदान करता है। प्लेटफॉर्म मार्केट इंटेलिजेंस, मूल्य संबंधी जानकारी, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और क्रेडिट एक्सेस जैसी सेवाएं उपलब्ध कराता है। कंपनी वर्तमान में 12 राज्यों और 125 से अधिक जिलों में काम कर रही है और कृषि इकोसिस्टम से जुड़े 1.3 लाख से अधिक लोगों को सेवाएं दे रही है। वहीं ONO के पास 2,000 से अधिक पेड सब्सक्राइबर्स हैं और कंपनी अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान को सुगम बनाने का दावा करती है।
लेंडिंग कारोबार को मजबूत करने की तैयारी
अपने विस्तार की योजना के तहत ONO ने एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी भी खरीदी है। इससे कंपनी अपनी लेंडिंग क्षमताओं को और मजबूत कर सकेगी और कृषि क्षेत्र से जुड़े छोटे कारोबारों को अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध करा पाएगी।
इस संदर्भ में लीडर्स का मानना है कि Trackk और ONO जैसे स्टार्टअप्स भारत में तकनीक आधारित निवेश और एग्री-फाइनेंस सेक्टर के तेजी से बढ़ते अवसरों को दर्शाते हैं। नई फंडिंग से दोनों कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म्स का विस्तार करने और अधिक यूजर्स तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।