Varaha ने USD 45 मिलियन की Series B फंडिंग का पहला ट्रांच USD 20 मिलियन में पूरा किया

Varaha ने USD 45 मिलियन की Series B फंडिंग का पहला ट्रांच USD 20 मिलियन में पूरा किया

Varaha ने USD 45 मिलियन की Series B फंडिंग का पहला ट्रांच USD 20 मिलियन में पूरा किया
गुरुग्राम में क्लाइमेट टेक स्टार्टअप Varaha ने Series B फंडिंग राउंड की घोषणा की है, जिसकी कुल राशि लगभग USD 45 मिलियन है। इसका पहला ट्रांच USD 20 मिलियन का WestBridge Capital ने लीड किया।


इस राउंड में पहले से मौजूद निवेशक RTP Global और Omnivore ने भी हिस्सा लिया: 
स्टार्टअप ने Varaha Industrial Partners Program (VIPP) की भी शुरुआत की है। यह नई पहल वैश्विक औद्योगिक ऑपरेटरों के साथ पार्टनरशिप के जरिए बायोचार आधारित कार्बन रिमूवल को बढ़ाने पर केंद्रित है।

Varaha की स्थापना 2022 में मधुर जैन, अंकिता गर्ग और विशाल कुचनूर ने की थी। कंपनी विभिन्न तरीकों से कार्बन रिमूवल प्रोजेक्ट्स विकसित करती है, जैसे कि बायोचार, एफ़ॉरेस्टेशन, रिफॉरेस्टेशन और रिवेगिटेशन (ARR), रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर और एन्हांस्ड रॉक वेदरिंग (ERW)। यह स्टार्टअप छोटे किसानों के साथ मिलकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ विज्ञान-आधारित तरीके से जलवायु परिवर्तन से निपटने का काम करता है।

स्टार्टअप के अनुसार, नई जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल Varaha के भौगोलिक विस्तार, वैज्ञानिक रिसर्च और Measurement, Reporting और Verification (MRV) क्षमताओं को मजबूत करने और नए औद्योगिक पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ाने में किया जाएगा।

Varaha वर्तमान में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और आइवरी कोस्ट में 20 से अधिक कार्बन रिमूवल प्रोजेक्ट्स चला रहा है।

कंपनी का दावा है कि उसने Google, Microsoft और एक बड़े अमेरिकी एविएशन कंपनी के साथ लंबे समय के कार्बन ऑफटेक समझौतों के जरिए वाणिज्यिक सफलता हासिल की है। Varaha का कहना है कि उसने अब तक दुनिया में सबसे अधिक मात्रा में टिकाऊ कार्बन रिमूवल क्रेडिट्स उपलब्ध कराए हैं।

Varaha के सीईओ और को-फाउंडर मधुर जैन ने कहा, “यह राउंड निवेशकों और ग्राहकों का हमारी विज्ञान-आधारित कार्बन रिमूवल सॉल्यूशंस और उन्हें वैश्विक स्तर पर बढ़ाने की हमारी क्षमता में लगातार भरोसे को दर्शाता है। क्लाइमेट सॉल्यूशंस तभी मायने रखते हैं जब वे ईमानदारी के साथ बड़े पैमाने पर लागू हों।”

VIPP पहल के तहत, जिन औद्योगिक साझेदारों के पास स्थायी बायोमास और गैसीफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर है, वे Varaha के डिजिटल MRV सिस्टम का उपयोग करके सत्यापित कार्बन रिमूवल क्रेडिट्स (verified carbon removal credits) जनरेट कर सकते हैं। जैन ने कहा, “VIPP के जरिए हम अपना प्लेटफॉर्म दुनिया भर के औद्योगिक साझेदारों के लिए खोल रहे हैं।”

VIPP पहले ही ऑपरेशनल है। इसके तहत पश्चिम अफ्रीका की एक बड़ी काजू कंपनी, भारत में कई एग्रीबिजनेस पार्टनर और एक प्रमुख भारतीय स्टील कंपनी अपने डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों पर काम कर रही हैं।

Series B राउंड में पहले से मौजूद निवेशक RTP Global ने सुपर प्रो-राटा निवेश किया, जबकि शुरुआती निवेशक Omnivore ने भी इस राउंड में हिस्सा लिया।

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