Paytm के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने भारत में अपने AI मॉडल बनाने वाले एंटरप्रेन्योर्स को पर्सनल कैपिटल से प्रति फाउंडर 1-2 करोड़ रुपये तक का सपोर्ट देने की पेशकश की है। यह घोषणा उन्होंने बेंगलुरु में Cypher 2026 के दौरान अपने कीनोट में की। उन्होंने कहा कि अगर ज्यादा सीरियस बिल्डर्स सामने आते हैं, तो यह रकम बढ़ाई भी जा सकती है। साथ ही, उन्होंने इन फाउंडर्स को ग्राहकों तक पहुंचने में मदद के लिए Paytm के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करने की पेशकश की।
शेखर शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह पेशकश उनकी पर्सनल है और इसमें Paytm का कॉरपोरेट फंड शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि लिस्टेड कंपनी होने के कारण Paytm इस तरह के बेट्स के लिए अपने कॉरपोरेट कैपिटल का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उन्होंने फाउंडर्स के सामने दो रास्ते रखे या तो Paytm से जुड़ें या फिर उनके सपोर्ट के साथ अपना वेंचर शुरू करें।
विजय शेखर ने कहा कि भारत लंबे समय से ऐसी टेक्नोलॉजी पर एप्लिकेशंस बनाने में ज्यादा समय लगा रहा है, जिसे दूसरे देशों में विकसित और ओन किया जाता है। वहीं, इस टेक्नोलॉजी की बड़ी और मूल क्षमताएं अभी भी देश के बाहर हैं। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी मॉडल्स का इस्तेमाल जारी रखते हुए घरेलू AI क्षमताएं भी विकसित कर सकता है, खासकर स्ट्रैटेजिक यूज केस के लिए। हालांकि, उन्होंने माना कि भारत के लिए पूरी तरह से अपने दम पर फ्रंटियर मॉडल्स बनाना आसान नहीं होगा।
उन्होंने अनुमान लगाया कि एक AI मॉडल बनाने की लागत 100 मिलियन डॉलर से कम हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक अनुमान है और इसे उनके द्वारा ऑफर किए गए चेक्स के लिए तय बजट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, बड़ी चुनौती किसी कठिन काम को लंबे समय तक आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कमिटमेंट और इच्छाशक्ति की है।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब Paytm अपने खुद के AI ऑफरिंग्स पर भी काम कर रहा है। इसमें हाल ही में लॉन्च की गई एंटरप्राइज AI सर्विस Paytm Intelligence शामिल है। इसके अलावा, कंपनी का AI Soundbox अब 11 भारतीय भाषाओं में मर्चेंट्स को जवाब देता है।
विजय शेखर शर्मा ने भारत की AI महत्वाकांक्षाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा “हम अनअम्बिशस हैं।"साथ ही उन्होंने फाउंडर्स से केवल एप्लिकेशंस बनाने के बजाय AI मॉडल्स तैयार करने का रिस्क लेने की भी अपील की।