Subway India ऑपरेटर EverBrands ने 600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए DRHP दाखिल किया

Subway India ऑपरेटर EverBrands ने 600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए DRHP दाखिल किया

Subway India ऑपरेटर EverBrands ने 600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए DRHP दाखिल किया
Subway India ऑपरेटर EverBrands ने नए शेयर जारी कर 600 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए DRHP दाखिल किया है।


भारत में Subway का संचालन करने वाली EverBrands India ने SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। कंपनी IPO के जरिए 600 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इस इश्यू में कोई ऑफर-फॉर-सेल (OFS) हिस्सा नहीं होगा। कंपनी 120 करोड़ रुपये तक के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकती है।

यदि यह प्लेसमेंट पूरा होता है, तो फ्रेश इश्यू का आकार कम हो जाएगा। कंपनी अपने इक्विटी शेयरों को BSE और NSE पर लिस्ट करने की योजना बना रही है। इस इश्यू के लिए Motilal Oswal, ICICI Securities और Nuvama को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि MUFG इश्यू का रजिस्ट्रार होगा। IPO की प्राइस बैंड और इश्यू की तारीखों की अभी घोषणा नहीं की गई है।

EverBrands भारत में Culinary Brands India Pvt Ltd (CBIPL) के जरिए Subway का संचालन करती है। इसके अलावा कंपनी Lavazza Coffee और F&H Coffee को अलग से मैनेज करती है और Fresh and Honest Cafe Pvt Ltd के जरिए भारत में Dilmah Tea का डिस्ट्रीब्यूशन करती है। कंपनी Subway स्टोर्स को कंपनी-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड (COCO) और फ्रेंचाइजी-ओन्ड, फ्रेंचाइजी-ऑपरेटेड (FOFO) मॉडल के तहत चलाती है। FY26 तक भारत में 678 COCO और 330 FOFO स्टोर्स थे, जबकि श्रीलंका में 8 FOFO स्टोर्स थे।

DRHP के अनुसार, कंपनी IPO से मिलने वाली 125 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। वहीं, 326.85 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नए COCO-फॉर्मेट Subway स्टोर्स स्थापित करने के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर में किया जाएगा। बाकी राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

FY26 में EverBrands का रेवेन्यू साल-दर-साल 34.9 प्रतिशत बढ़कर 966.17 करोड़ रुपये हो गया, जो FY25 में 716.06 करोड़ रुपये था। कंपनी के क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) बिजनेस, जिसमें Subway शामिल है, ने वित्त वर्ष के दौरान 693.09 करोड़ रुपये का योगदान दिया। यह कंपनी के कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू का करीब 72 प्रतिशत है। हालांकि, कंपनी का घाटा FY25 के 28.26 करोड़ रुपये से बढ़कर 58.19 करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर, EBITDA 64.21 करोड़ रुपये से बढ़कर 98.13 करोड़ रुपये हो गया।

शेयरहोल्डिंग की बात करें तो EverBrands Ventures Pte Ltd के पास पूरी तरह डायल्यूटेड आधार पर 57.78 प्रतिशत की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। इसके बाद Norwest Capital LLC की 16.48 प्रतिशत, Shivanand Shankar Mankekar HUF की 5.83 प्रतिशत और Playbook India Fund II की 4.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है। Enrich Agro Food Products और Bikramjit Singh Kandhari की हिस्सेदारी 3.64-3.64 प्रतिशत है। इसी साल की शुरुआत में EverBrands ने Playbook Partners की अगुआई में एक फंडिंग राउंड में 15 मिलियन डॉलर जुटाए थे। बताया गया था कि इस फंडिंग में Subway India की पैरेंट कंपनी की करीब 5 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल थी और कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 2,600-2,800 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

 

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