इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की रुचि का लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं: Yotta के CEO सुनील गुप्ता

इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की रुचि का लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं: Yotta के CEO सुनील गुप्ता

इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की रुचि का लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं: Yotta के CEO सुनील गुप्ता
कंपनी का कहना है कि प्री-IPO और IPO की योजना तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है


Hiranandani Group’s की डेटा सेंटर कंपनी Yotta Data Services ने कहा है कि वह ऐसे दीर्घकालिक और प्रतिष्ठित संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की रुचि का लगातार मूल्यांकन कर रही है, जो भारत से विश्वस्तरीय AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के उसके विजन में विश्वास रखते हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका प्री-IPO और IPO का रोडमैप तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।

कंपनी की यह प्रतिक्रिया उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया था कि Yotta अपने विस्तार की योजनाओं के लिए भारत और विदेश के प्राइवेट इक्विटी फंड्स से लगभग 1 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी कर रही है।

Yotta Data Services के, को-फाउंडर, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील गुप्ता ने कहा कि कंपनी दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक लागू करने पर पूरी तरह केंद्रित है। उन्होंने बताया कि AI, Sovereign Cloud, Cloud & Managed Services और Data Centre कारोबार के विस्तार के साथ कंपनी अगले चरण की वृद्धि के लिए अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत बना रही है।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने गैर-संस्थागत निवेशकों से लगभग 15 करोड़ डॉलर (150 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं। इस निवेश के दौरान कंपनी का मूल्यांकन करीब 3.8 अरब डॉलर रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फंडिंग में प्रमोटरों द्वारा किसी भी प्रकार की Offer for Sale (OFS) नहीं की गई और जुटाई गई पूरी राशि कंपनी के विस्तार और विकास में निवेश की जा रही है।

सुनील गुप्ता ने कहा कि कंपनी ऐसे प्रतिष्ठित और लॉन्ग-टर्म इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की रुचि का भी मूल्यांकन कर रही है, जो भारत में विश्वस्तरीय AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के उसके लक्ष्य में साझेदार बनना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी का मूल्यांकन केवल बाजार की परिस्थितियों पर नहीं, बल्कि मजबूत कारोबारी आधार, दीर्घकालिक अनुबंधों से होने वाली आय और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर आधारित है। उनका मानना है कि जैसे-जैसे कंपनी अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता बढ़ाएगी, भारत और वैश्विक बाजारों में नए दीर्घकालिक ग्राहक जोड़ेगी और अपनी विकास योजनाओं को लागू करेगी, वैसे-वैसे कंपनी का मूल्यांकन और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य भी बढ़ेगा।

परिचालन स्तर पर भी Yotta उद्योग की तुलना में कहीं अधिक तेज़ी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले चार महीनों में अपने AI Cloud में 40,000 से अधिक NVIDIA Blackwell GPUs स्थापित करना है। वहीं, चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह संख्या बढ़ाकर लगभग 85,000 GPUs करने की योजना है। इसके साथ ही Yotta, अमेरिका और चीन के बाहर दुनिया के सबसे बड़े AI कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्मों में से एक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि कंपनी भारत की कई महत्वपूर्ण Sovereign Cloud और AI परियोजनाओं के लिए विश्वसनीय इंफ्रास्ट्रक्चर साझेदार बनी हुई है। साथ ही, अब वह वैश्विक स्तर पर अग्रणी AI मॉडल डेवलपर्स और Inference Providers को भी सेवाएं प्रदान कर रही है। उनका कहना है कि Yotta का उद्देश्य भारत को केवल AI तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर और AI नवाचार का प्रमुख निर्माता बनाना है।

सुनील गुप्ता ने दोहराया कि कंपनी का प्री-IPO और IPO रोडमैप पहले से तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि Yotta की दीर्घकालिक रणनीति और मजबूत निष्पादन क्षमता में विश्वास रखने वाले निवेशकों की ओर से लगातार सकारात्मक रुचि देखने को मिल रही है।

2019 में स्थापित Yotta Data Services भारत में कई आधुनिक डेटा सेंटर कैंपस संचालित करती है। कंपनी Sovereign Cloud, Cyber Security, AI Cloud और अन्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाएं उपलब्ध कराती है।

इस वर्ष फरवरी में Yotta ने घोषणा की थी कि वह 20,736 Liquid-Cooled NVIDIA Blackwell Ultra GPUs तैनात करेगी, जिससे एशिया के सबसे बड़े AI सुपरक्लस्टर्स में से एक तैयार होगा। इस परियोजना में 2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया जा रहा है और इसके अगस्त 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।

कंपनी ने हाल ही में BHASHINI के एंड-टू-एंड Sovereign AI Cloud प्लेटफॉर्म को अपने Government Community Cloud (GCC) और Shakti Cloud पर सफलतापूर्वक स्थापित करने की भी घोषणा की थी। इसके बाद BHASHINI का AI आधारित भाषा अनुवाद प्लेटफॉर्म पूरी तरह भारतीय क्लाउड और GPU इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित हो रहा है।

इसके अलावा, हाल ही में IBM और Yotta ने भारत के उद्यमों और सरकारी संगठनों के लिए Agentic AI Platform विकसित करने के उद्देश्य से रणनीतिक साझेदारी की है। यह प्लेटफॉर्म IBM watsonx Orchestrate तकनीक पर आधारित होगा और Yotta के Shakti Cloud पर संचालित किया जाएगा, जिससे विभिन्न संस्थानों में AI के उपयोग को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


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