इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बिजलीराइड (Bijliride) ने महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से तेलंगाना पुलिस महिला सुरक्षा विंग और राज्य परिवहन विभाग के साथ साझेदारी की है। यह सहयोग हाल ही में शुरू की गई ‘Stree Ride’ पहल के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना है।
इस परियोजना का शुभारंभ तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) सी.वी. आनंद ने किया। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) तक सीधी पहुंच प्रदान की जाएगी और उन्हें Ola, Uber, Rapido जैसे प्रमुख राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स तथा अग्रणी क्विक-कॉमर्स डिलीवरी सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे वे तुरंत काम शुरू कर सकें।
पहल को तेजी से लागू करने के लिए Bijliride अपनी ईवी फ्लीट को उन महिलाओं के लिए उपलब्ध करा रहा है, जो हैदराबाद के विभिन्न पुलिस कमिश्नरेट्स में विशेष ड्राइविंग और सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कंपनी न केवल वाहन उपलब्ध कराएगी, बल्कि डिजिटल बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और ऐप ऑनबोर्डिंग जैसी प्रक्रियाओं को भी एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरल बनाएगी।
इस व्यवस्था से महिलाओं को प्रशासनिक जटिलताओं से राहत मिलेगी और वे सीधे राइड या डिलीवरी सेवाओं में लॉग-इन कर कमाई शुरू कर सकेंगी। कार्यक्रम को महिलाओं की सुविधा और कार्य में लचीलापन ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे वे यात्री परिवहन और डिलीवरी सेवाओं के बीच अपनी आवश्यकता और मांग के अनुसार काम चुन सकें।
पायलट चरण के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से ड्राइवरों का निष्क्रिय समय और प्रशासनिक दबाव कम हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप दैनिक उत्पादकता में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे महिलाओं को अधिक स्थिर और भरोसेमंद आय प्राप्त करने में मदद मिल रही है।
बिजलीराइड (Bijliride) के सह-संस्थापक विशाल विक्रम ने कहा, “भारत में राइडिंग और डिलीवरी वर्कफोर्स परंपरागत रूप से पुरुष-प्रधान रही है। हम इस स्थिति को बदलना चाहते हैं। ‘Stree Ride’ के साथ हमारी साझेदारी का उद्देश्य महिलाओं को वाहन, तकनीक और प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। हम तकनीकी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर महिलाओं को अपनी शर्तों पर कमाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर दे रहे हैं।”
यह पहल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।