इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्लेटफॉर्म युलु ने बेंगलुरु में 1 अरब किलोमीटर राइड्स का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है, जो शहर में लास्ट-माइल मोबिलिटी सॉल्यूशंस के तेजी से विस्तार को दर्शाता है।
कंपनी के पास फिलहाल बेंगलुरु में करीब 22,500 इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा है, जो छोटी दूरी की यात्रा और डिलीवरी सेवाओं दोनों को सपोर्ट करता है। कंपनी के अनुसार, यह बेड़ा रोजाना करीब 3 लाख डिलीवरी में योगदान देता है और अब तक शहर में लगभग 19 करोड़ डिलीवरी पूरी कर चुका है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसे शहरी भारत में ईवी अपनाने का एक प्रमुख कारक माना जा रहा है, खासकर उनकी उच्च उपयोगिता और निश्चित रूट्स के कारण।
यह माइलस्टोन शहरी मोबिलिटी चुनौतियों जैसे ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और किफायती परिवहन की जरूरत—को हल करने में शेयरड EV प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।
युलु का अनुमान है कि बेंगलुरु में उसके संचालन से लगभग 2.7 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को टाला गया है। हालांकि ये आंकड़े कंपनी की आंतरिक गणना पर आधारित हैं, लेकिन यह EV आधारित मोबिलिटी को पारंपरिक ईंधन वाहनों के मुकाबले एक स्वच्छ विकल्प के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के अनुरूप हैं।
बेंगलुरु के अलावा, कंपनी मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में भी काम कर रही है। इन सभी बाजारों में मिलाकर युलु के पास लगभग 46,000 EVs का बेड़ा है, जिन्होंने कुल मिलाकर करीब 2 अरब किलोमीटर की दूरी तय की है।
कंपनी ने बढ़ती मांग को देखते हुए अगले एक साल में बेंगलुरु में अपने बेड़े को बढ़ाकर 35,000 से 40,000 वाहनों तक करने की योजना बनाई है, जिससे यात्रियों और डिलीवरी पार्टनर्स दोनों को बेहतर सेवा मिल सके।