कंपनी का परिचालन रेवेन्यू सालाना आधार पर 75.3 प्रतिशत बढ़कर 7,497.64 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 4,278.06 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि भारत में तेजी से बढ़ती इंस्टेंट डिलीवरी सेवाओं की मांग को दर्शाती है। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान भी कंपनी ने मजबूत वृद्धि दर्ज की। वित्त वर्ष 2025 में 11,109.94 करोड़ रुपये के मुकाबले कंपनी का परिचालन रेवेन्यू बढ़कर 22,623.58 करोड़ रुपये हो गया, यानी एक साल में यह दोगुने से भी अधिक हो गया।
हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन तिमाही स्तर पर घाटे में कमी आई है। Q4 FY26 में जेप्टो का शुद्ध घाटा घटकर 1,538.67 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 1,831.91 करोड़ रुपये था। दूसरी ओर, पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कुल घाटा बढ़कर 5,905.19 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 4,699.71 करोड़ रुपये था। यह जानकारी कंपनी द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दाखिल किए गए अद्यतन ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) में दी गई है।
जेप्टो की शुरुआत दिसंबर 2020 में किरानाकार्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हुई थी। बाद में अप्रैल 2025 में कंपनी का नाम बदलकर जेप्टो प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया। इसके बाद दिसंबर 2025 में कंपनी को सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित किया गया, ताकि प्रस्तावित आईपीओ (IPO) की तैयारी को आगे बढ़ाया जा सके।
अपने आईपीओ की योजना के तहत जेप्टो ने सेबी के पास नए ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किए हैं। कंपनी 8,010 करोड़ रुपये जुटाने के लिए नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल होगा।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कंपनी का कुल आईपीओ आकार लगभग 11,000 करोड़ रुपये का हो सकता है और जेप्टो जुलाई में पूंजी बाजार में दस्तक दे सकती है। शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद जेप्टो, इटरनल (Eternal) और स्विगी (Swiggy) जैसी कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो जाएगी। इसके साथ ही क्विक कॉमर्स क्षेत्र में ब्लिंकिट (Blinkit), इंस्टामार्ट (Instamart) और जेप्टो के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
कंपनी IPO से प्राप्त धनराशि का उपयोग अपने डार्क स्टोर नेटवर्क के विस्तार के लिए करेगी। इसके तहत मौजूदा और नए बाजारों में नए डार्क स्टोर खोले जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी किराया भुगतान, तकनीकी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, मार्केटिंग गतिविधियों, संभावित अधिग्रहण अवसरों और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने पर भी निवेश करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में क्विक कॉमर्स बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और उपभोक्ताओं की त्वरित डिलीवरी की बढ़ती मांग इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। ऐसे में जेप्टो का मजबूत रेवेन्यू प्रदर्शन और प्रस्तावित आईपीओ कंपनी की विकास रणनीति को और गति दे सकता है।
कुल मिलाकर, रेवेन्यू में मजबूत वृद्धि और विस्तार योजनाओं के बावजूद कंपनी अभी लाभप्रदता हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तेज़ी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर में जेप्टो आने वाले वर्षों में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।