Scaler ने लॉन्च किया FDE स्पेशलाइजेशन, भारत में AI टैलेंट तैयार करने के लिए ₹25 करोड़ का निवेश

Scaler ने लॉन्च किया FDE स्पेशलाइजेशन, भारत में AI टैलेंट तैयार करने के लिए ₹25 करोड़ का निवेश

Scaler ने लॉन्च किया FDE स्पेशलाइजेशन, भारत में AI टैलेंट तैयार करने के लिए ₹25 करोड़ का निवेश
एंटरप्राइज AI के प्रयोग से वास्तविक उपयोग की ओर बढ़ने के साथ Forward Deployed Engineers (FDE) की वैश्विक मांग में साल-दर-साल 729% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


Microsoft और AWS ने एंटरप्राइज AI डिप्लॉयमेंट को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त रूप से 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर (USD 3.5 Billion) के निवेश की घोषणा की है।

Scaler अगले दो वर्षों में 10,000 Forward Deployed Engineers (FDEs) तैयार करने के लिए ₹25 करोड़ का निवेश करेगा।

जैसे-जैसे कंपनियां AI को केवल प्रयोग (Experimentation) तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक कारोबारी कार्यों (Production) में लागू कर रही हैं, वैसे-वैसे ऐसे इंजीनियरों की मांग तेजी से बढ़ रही है जो जटिल एंटरप्राइज सिस्टम में AI को सफलतापूर्वक लागू कर सकें। MIT NANDA की रिपोर्ट "The GenAI Divide: State of AI in Business 2025" के अनुसार, लगभग 95% एंटरप्राइज जनरेटिव AI पायलट प्रोजेक्ट व्यवसाय पर कोई ठोस प्रभाव नहीं डाल पाते। इससे स्पष्ट होता है कि आज सबसे बड़ी चुनौती AI मॉडल बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक लागू (Deploy) करना है।

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत के AI-आधारित टेक एजुकेशन प्लेटफॉर्म Scaler ने Forward Deployed Engineer (FDE) Specialization लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी अगले दो वर्षों में 10,000 FDE तैयार करने के लिए ₹25 करोड़ का निवेश करेगी।

Forward Deployed Engineers की वैश्विक मांग में तेज़ बढ़ोतरी

दुनिया भर में कंपनियां तेजी से Forward Deployed Engineers की नियुक्ति कर रही हैं। इस भूमिका की मांग में पिछले एक वर्ष के दौरान 729% की वृद्धि हुई है। OpenAI, Google Cloud, Anthropic, Palantir, Databricks, McKinsey और BCG जैसी वैश्विक कंपनियां इस भूमिका के लिए अपनी टीमों का विस्तार कर रही हैं।

एंटरप्राइज AI डिप्लॉयमेंट को बढ़ावा देने के लिए बड़ी टेक कंपनियां भी भारी निवेश कर रही हैं। Microsoft ने हाल ही में Microsoft Frontier Company में 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है, जबकि Amazon Web Services (AWS) ने 1 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर एक समर्पित Forward Deployed Engineering Organization बनाने का निर्णय लिया है। ये निवेश इस बात का संकेत हैं कि उद्योग अब AI को वास्तविक कारोबारी वातावरण में लागू करने पर अधिक ध्यान दे रहा है।

भारतीय इंजीनियरों के लिए बढ़ रहे हैं नए अवसर

भारत में भी Global Capability Centres (GCCs), IT सर्विस कंपनियां और वैश्विक AI कंपनियां तेजी से एंटरप्राइज AI को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसके चलते भारतीय इंजीनियरों के लिए नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

Scaler के अनुसार, ऐसे इंजीनियरों की मांग तेजी से बढ़ रही है जो AI, Enterprise Integration, बिजनेस समझ और Stakeholder Management जैसे कौशल रखते हों। वर्तमान में ऐसे पेशेवरों की संख्या काफी कम है, इसलिए उन्हें पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक वेतन मिलने की संभावना है।

रिसर्च में सामने आया भारत का AI स्किल गैप

Scaler की आंतरिक रिसर्च भी इस बदलते रुझान की पुष्टि करती है। वहीं India AI Workforce Report 2026 के अनुसार, AI अब केवल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कंसल्टिंग, लीडरशिप और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार कर रहा है।

वहीं, CyberMedia Research (CMR) के साथ मिलकर तैयार की गई Confidence-Capability Gap Report में पाया गया कि 89% इंजीनियर खुद को AI के लिए तैयार मानते हैं, लेकिन केवल 19% इंजीनियर वास्तव में AI सिस्टम विकसित कर रहे हैं। यह आंकड़ा AI की जानकारी और वास्तविक एंटरप्राइज AI कार्यान्वयन के बीच मौजूद बड़े अंतर को दर्शाता है।

भारत की AI वर्कफोर्स तैयार करने के लिए ₹25 करोड़ का निवेश

इस अंतर को दूर करने के लिए Scaler अगले दो वर्षों में ₹25 करोड़ का निवेश करेगा।

इस निवेश का उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जाएगा:  

- पाठ्यक्रम (Curriculum) का विकास
- AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना
- उद्योग साझेदारियां (Industry Partnerships)
- छात्रों के लिए लर्नर सपोर्ट

इस पहल का उद्देश्य 10,000 Forward Deployed Engineers तैयार कर भारत में एंटरप्राइज AI के लिए सबसे बड़े टैलेंट पूल में से एक विकसित करना है।

AI के भविष्य पर क्या बोले Scaler के CEO 

इस पहल पर Scaler के सीईओ ऑनलाइन एवं ग्रुप सीपीओ अमर श्रीवास्तव ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में AI को लेकर सबसे अधिक चर्चा बेहतर मॉडल बनाने पर केंद्रित रही है। लेकिन हमारा मानना है कि अगला दौर उन मॉडलों को वास्तविक व्यवसायों में सफलतापूर्वक लागू करने का होगा। हर कंपनी के अपने सिस्टम, डेटा और कार्य करने के अलग-अलग तरीके होते हैं, इसलिए AI को लागू करना केवल मॉडल बनाने से कहीं अधिक जटिल प्रक्रिया है।"

उन्होंने आगे कहा, "Scaler का मानना है कि यह बदलाव सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के भविष्य को नई दिशा देगा। इस स्पेशलाइजेशन के माध्यम से हमारा उद्देश्य इंजीनियरों को केवल AI विकसित करना ही नहीं, बल्कि उसे सफलतापूर्वक लागू करना, बिजनेस की जरूरतों को समझना, विभिन्न हितधारकों के साथ काम करना और AI को वास्तविक कारोबारी परिणामों में बदलने की क्षमता भी प्रदान करना है।"

Forward Deployed Engineers कैसे हैं पारंपरिक Software Engineers से अलग

पारंपरिक Software Engineers मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर विकसित करने और उसे तैयार करने पर काम करते हैं। वहीं Forward Deployed Engineers (FDEs) की भूमिका इससे कहीं अधिक व्यापक होती है। वे केवल AI या सॉफ्टवेयर विकसित नहीं करते, बल्कि उसे ग्राहकों के वास्तविक एंटरप्राइज सिस्टम में सफलतापूर्वक लागू भी करते हैं। वे कंपनी के मौजूदा डेटा, सिस्टम और सुरक्षा ढांचे के साथ AI का एकीकरण (Integration) करते हैं और व्यवसाय की वास्तविक समस्याओं का समाधान तैयार करते हैं। इसके साथ ही उन्हें तकनीकी विशेषज्ञता के अलावा Stakeholder Management, Consulting, Communication, Collaboration और Problem Solving जैसी क्षमताओं की भी आवश्यकता होती है। यही कारण है कि FDEs, AI तकनीक और वास्तविक व्यावसायिक उपयोग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं।

7.5 महीने का उद्योग-केंद्रित स्पेशलाइजेशन

Forward Deployed Engineer (FDE) Specialization की अवधि 7.5 महीने होगी। यह Scaler के Modern Software Engineering Program का हिस्सा है और इसे इस तरह तैयार किया गया है कि इंजीनियरों को एंटरप्राइज स्तर पर AI लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी और व्यावसायिक दोनों प्रकार के कौशल मिल सकें।

इस कार्यक्रम में छात्रों को निम्नलिखित विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा:

- AI एवं LLM Engineering
- Backend Development
- Full-Stack Development
- Cloud Computing
- Enterprise Integration
- System Design
- Security Engineering

छात्रों को AI आधारित लर्निंग वातावरण में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जहां Enterprise Simulations और Live Business Scenarios के माध्यम से वास्तविक परियोजनाओं जैसा अनुभव मिलेगा।

हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स और उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

कार्यक्रम के दौरान छात्र कई व्यावहारिक परियोजनाओं पर काम करेंगे, जिनमें शामिल हैं:

- Retrieval-Augmented Generation (RAG)
- Agentic AI
- Enterprise AI Integration
- AI Deployment Workflows

इसके साथ ही छात्रों को अनुभवी Forward Deployed Engineers से मेंटरशिप भी मिलेगी, जिससे वे वास्तविक एंटरप्राइज वातावरण में AI लागू करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

तकनीकी प्रशिक्षण के अलावा इस कार्यक्रम में Stakeholder Management, Cross-functional Collaboration, Structured Problem Solving, Effective Communication और Customer-facing Consulting Skills जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक कौशलों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि इंजीनियर AI तकनीक और वास्तविक व्यावसायिक जरूरतों के बीच प्रभावी सेतु की भूमिका निभा सकें।


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