इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान टेक कंपनियों और उद्योग विशेषज्ञों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन, कंटेंट सुरक्षा और डिजिटल ढांचे में एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। इस समिट के मुख्य अतिथियों में शामिल रहे Adobe के सीईओ शांतनु नारायण ने कहा कि कंपनी भारत के लाखों छात्रों को रचनात्मकता के नए अवसर देने और उन्हें एआई कौशल से सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि शिक्षा, दूरसंचार, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वे उत्साहित हैं यह देखने के लिए कि भारतीय छात्र Adobe के टूल्स का उपयोग कर क्या नया बनाते हैं।
छात्र एआई आधारित करियर के लिए हो सकेंगे तैयार
Adobe ने घोषणा की है कि वह अपने प्रमुख टूल Adobe Firefly, Photoshop और Acrobat को भारत के मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इससे छात्र एआई आधारित करियर के लिए तैयार हो सकेंगे। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे बेहतर अवसर पा सकें।
एआई सीखने के दौरान छात्रों को Adobe के सुरक्षित जेनरेटिव एआई मॉडल का उपयोग करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा वे अन्य एआई मॉडलों के साथ भी काम कर सकेंगे।
Adobe Firefly एक ऑल-इन-वन क्रिएटिव एआई स्टूडियो है, जिसमें Google, OpenAI और Runway जैसे पार्टनर्स के मॉडल शामिल हैं। इससे छात्रों को अपनी जरूरत के अनुसार काम करने की सुविधा मिलेगी। वहीं Acrobat Pro की मदद से छात्र टेक्स्ट और इमेज को आसानी से एडिट कर पाएंगे और बेहतर सहयोग कर सकेंगे।
Adobe कंपनी ने 20 लाख नौकरियां पैदा करने का रखा लक्ष्य
कंपनी का यह कदम सरकार के ‘Create in India’ अभियान और बजट 2026 के उस लक्ष्य को समर्थन देता है, जिसमें 2030 तक एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र में 20 लाख नौकरियां बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार के साथ मिलकर Adobe अपने एआई आधारित कोर्स और इंडस्ट्री सपोर्टेड पाठ्यक्रम को 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इन संस्थानों में कंटेंट क्रिएटर लैब भी स्थापित की जाएंगी, जिससे छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।