सरकार ने मेडिकल छात्रों को ई-बुक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स तक पहुंच प्रदान करने की योजना बनाई है, ताकि उनके सीखने और क्लिनिकल कौशल को मजबूत किया जा सके। इस पहल के पहले चरण में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 57 सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल होंगे।
AI Impact Summit में बोलते हुए, बी. श्रीनिवास, उप महानिदेशक (मेडिकल एजुकेशन) ने बताया कि दूरदराज के संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र अक्सर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी सामग्री, विशेषकर AI से संबंधित संसाधनों तक पहुँचने में कठिनाई महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि इस कमी का असर छात्रों की अकादमिक जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर पड़ सकता है।
श्रीनिवास ने बताया, “सरकार AI का उपयोग करके इन छात्रों तक पहुंच बनाने पर विचार कर रही है। नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी में हम ई-बुक्स और डिजिटल क्लिनिकल सामग्री सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं और इसे देश भर के लगभग 57 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल धीरे-धीरे निजी मेडिकल कॉलेजों तक भी बढ़ाई जाएगी, लेकिन फिलहाल बजट सरकारी संस्थानों पर केंद्रित है।
सत्र के दौरान पैनलिस्ट्स ने इस बात पर जोर दिया कि जिम्मेदार AI स्वास्थ्य समानता बढ़ाने, विश्वसनीय मेडिकल ज्ञान तक पहुँच बढ़ाने, क्लिनिकल निर्णय समर्थन मजबूत करने और स्वास्थ्य कार्यबल की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है। उन्होंने सहयोग, पारदर्शिता और साक्ष्य-आधारित AI सिस्टम के महत्व को रेखांकित किया।