इस नए निवेश का एक हिस्सा कंपनी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon Now के विस्तार में लगाया जाएगा। फिलहाल यह सेवा दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में संचालित हो रही है और लगभग 300 माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर्स द्वारा समर्थित है। कंपनी का लक्ष्य इस सेगमेंट में अपनी पहुंच को दोगुना करना है ताकि तेज डिलीवरी की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
इसके अलावा, Amazon India पूरे देश में अपने ई-कॉमर्स नेटवर्क को भी विस्तार देने की योजना बना रही है, जिसमें वेयरहाउस और लास्ट-माइल डिलीवरी स्टेशनों की संख्या बढ़ाना शामिल है। इसका उद्देश्य डिलीवरी की गति और कार्यक्षमता को बेहतर बनाना है।
यह कदम जून 2025 में घोषित 2,000 करोड़ रुपये के निवेश के बाद आया है, जिसका उपयोग ऑपरेशन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए किया गया था। उस निवेश के तहत कंपनी ने 17 नए फुलफिलमेंट सेंटर, 6 सॉर्टेशन सेंटर और 75 लास्ट-माइल डिलीवरी स्टेशन शुरू किए थे।
नया निवेश कंपनी के ऑपरेशन्स नेटवर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों को शामिल करने में भी मदद करेगा, जिससे काम और अधिक स्मार्ट और तेज़ हो सके।
Amazon लगातार भारत में अपना निवेश बढ़ा रहा है। दिसंबर में कंपनी ने 2030 तक कुल निवेश को 35 अरब डॉलर तक बढ़ाने की घोषणा की थी। 2010 से 2024 के बीच कंपनी पहले ही लगभग 40 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी है।
वित्त वर्ष 2025 में Amazon Seller Services ने 30,139 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जबकि कंपनी का घाटा घटकर 374 करोड़ रुपये रह गया, जो बेहतर लागत प्रबंधन का संकेत देता है।