शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल छात्रों को आधुनिक, स्किल-आधारित और रोजगार-केंद्रित शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नए UG और PG कोर्स पर फोकस
नई शुरुआत के तहत यूनिवर्सिटी MA in Creative Writing और MA in Performing Arts (Theatre Arts) जैसे नए PG कोर्स शुरू करेगी। इसके साथ ही BA in Museology, Culture and Heritage Management जैसे अनोखे अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम भी लॉन्च किए जा रहे हैं, जो भारतीय विश्वविद्यालयों में कम देखने को मिलते हैं। इसके अलावा BA Visual Arts और BSc Mathematics जैसे नए कोर्स भी शुरू होंगे। खास बात यह है कि BSc Mathematics प्रोग्राम में Data Science और Artificial Intelligence को माइनर स्पेशलाइजेशन के रूप में शामिल किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी ने National Education Policy (NEP) 2020 के अनुरूप Psychology, English, Hindi, Economics, Sociology, History और Political Science जैसे विषयों में 1 वर्षीय PG प्रोग्राम भी शुरू करने की घोषणा की है। चार वर्षीय BA प्रोग्राम पूरा कर चुके छात्र CUET-PG स्कोर के आधार पर इन कोर्सेस में आवेदन कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल उच्च शिक्षा में लचीलापन और मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग को बढ़ावा देगी।
3000 से अधिक सीटों पर एडमिशन
AUD के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में यूनिवर्सिटी लगभग 78 UG, PG और PhD प्रोग्राम्स के तहत 3000 से अधिक सीटें उपलब्ध कराएगी। एडमिशन प्रक्रिया CUET-UG, CUET-PG और NCET के माध्यम से पूरी की जाएगी। छात्र यूनिवर्सिटी के आधिकारिक पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
छात्रों को राहत देते हुए यूनिवर्सिटी ने एक ही रजिस्ट्रेशन फीस में कई प्रोग्राम्स के लिए आवेदन की सुविधा भी दी है। साथ ही SC, ST और PwBD वर्ग के छात्रों के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी का प्रावधान रखा गया है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी विशेष सहायता दी जाएगी।
स्किल-बेस्ड एजुकेशन को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अंबेडकर यूनिवर्सिटी का यह कदम छात्रों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें टेक्नोलॉजी, क्रिएटिविटी, रिसर्च और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स से जोड़ने में भी मदद करेगा। आने वाले समय में इस तरह के मल्टीडिसिप्लिनरी और करियर-ओरिएंटेड प्रोग्राम भारतीय उच्च शिक्षा को और अधिक आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।